प्रयागराज
उत्तर प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसके तहत कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम प्रधानों को ही ग्राम पंचायतों का प्रशासक नियुक्त कर दिया गया था। उच्च न्यायालय ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार के इस फैसले को प्रथम दृष्टया असंवैधानिक करार दिया है।
यह महत्वपूर्ण आदेश न्यायमूर्ति की पीठ ने अरविंद राठौर द्वारा दाखिल की गई एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया है।
याचिका में सरकारी फैसले को दी गई थी चुनौती
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 57 हजार से अधिक ग्राम पंचायतें हैं, जहां निर्वाचित ग्राम प्रधानों का विधिक कार्यकाल बीते 26 मई 2026 को पूरी तरह समाप्त हो चुका था। प्रदेश में ग्राम पंचायत चुनाव समय पर न हो पाने और इसमें देरी होने के कारण राज्य सरकार ने एक नीतिगत फैसला लेते हुए निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही आगामी व्यवस्था होने तक प्रशासक मनोनीत कर दिया था।
सरकार के इसी फैसले के खिलाफ अरविंद राठौर ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिका में तर्क दिया गया था कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रतिनिधियों को इस तरह प्रशासनिक शक्तियां सौंपना नियमों और संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत है।
उत्तर प्रदेश के #मेरठ जनपद से एक बड़े हादसे की खबर सामने आ रही है। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर आज शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे जयपुर से हरिद्वार जा रही एक डबल डेकर एसी बस में अचानक भीषण आग लग गई। pic.twitter.com/2eCljr2P2k
— Voice of News 24 (@VOfnews24) June 26, 2026













