बुलंदशहर: 2 साल की मासूम भतीजी से दरिंदगी करने वाले कलयुगी फूफा को 40 वर्ष की कठोर कैद, पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

बुलंदशहर

बुलंदशहर जनपद की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने रिश्तों को शर्मसार करने वाले एक बेहद जघन्य मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने रिश्तों को शर्मसार करने वाले एक बेहद जघन्य मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने अपनी ही दो साल की मासूम भतीजी के साथ दरिंदगी करने वाले दोषी फूफा कल्लू (32 वर्ष) को 40 साल के कठोर कारावास (उम्रकैद के समान) की सजा सुनाई है। यह महत्वपूर्ण फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे पॉक्सो) शगुन पंवार की अदालत द्वारा सुनाया गया।

फैसला सुनाते हुए मा जज ने कड़ी टिप्पणी की कि ‘पवित्र रिश्ते का दुरुपयोग करने वाला दोषी किसी भी सूरत में दया का पात्र नहीं है।’

गन्ने के खेत में बदहवास मिली थी मासूम

अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह दिल दहला देने वाली घटना 7 दिसंबर 2024 की है। जहाँगीरपुर थाना क्षेत्र के एक गाँव में रहने वाले आरोपी कल्लू ने अपनी ही दो वर्षीय सगी भतीजी को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया था। इसके बाद उसने मासूम के साथ हैवानियत की वारदात को अंजाम दिया। बच्ची काफी तलाश के बाद गांव के पास एक गन्ने के खेत में लहूलुहान और बेहद बदहवास हालत में मिली थी।

‘उम्र भर दंश झेलेगी पीड़िता, समाज में कड़ा संदेश जाना जरूरी’

पॉक्सो कोर्ट की जज शगुन पंवार ने अपने फैसले में कहा कि मासूम बच्ची के साथ ऐसी क्रूरता और बर्बरता की गई है, जिसका दंश पीड़िता को उम्र भर मानसिक और शारीरिक रूप से झेलना पड़ेगा। ऐसे जघन्य और घिनौने अपराधों पर समाज में कानून का कड़ा संदेश जाना बेहद आवश्यक है ताकि कोई दोबारा ऐसा कृत्य न कर सके।

साइंटिफिक एविडेंस और पुख्ता पैरवी से 2 साल में मिला न्याय

इस मामले में जहाँगीरपुर पुलिस और अभियोजन पक्ष ने बेहद पुख्ता और प्रभावी पैरवी की। घटना के दो साल के भीतर ही कोर्ट ने केस का त्वरित निपटारा करते हुए आरोपी कल्लू को दोषी करार दिया। दोषी को सजा दिलाने में साक्ष्य मुख्य आधार बने:

पीड़िता की विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट

फॉरेंसिक लैब से आई डीएनए (DNA) टेस्ट रिपोर्ट

घटना के समय इलाके में मिले सीसीटीवी (CCTV) फुटेज

50 हजार का जुर्माना, 3 लाख का मुआवजा

अदालत ने दोषी कल्लू पर 40 साल की कैद के साथ-साथ 50 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा, कोर्ट ने पीड़िता के मानसिक व शारीरिक पुनर्वास और उचित उपचार के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को 3 लाख रुपये का मुआवजा देने का विशेष निर्देश दिया है।

अदालत के इस त्वरित और ऐतिहासिक फैसले के बाद पीड़िता के पीड़ित परिवार ने रोते हुए न्यायपालिका और बुलंदशहर पुलिस के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।

 

Voice Of News 24

 

This error message is only visible to WordPress admins

Error: No feed found with the ID 1.

Go to the All Feeds page and select an ID from an existing feed.