संभल
संभल/ चंदौसी में डेढ़ लाख रुपये की लूट की चर्चित वारदात में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। करीब डेढ़ महीने से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

संभल/ चंदौसी में डेढ़ लाख रुपये की लूट की चर्चित वारदात में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। करीब डेढ़ महीने से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है।
बताया जा रहा है कि सोमवार रात करीब 9:30 बजे चंदौसी-संभल बाईपास रोड स्थित क्षेमनाथ मंदिर के निकट पुलिस चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार एक संदिग्ध युवक वहां से गुजरता दिखाई दिया। पुलिस टीम ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन वह भागने लगा। खुद को पुलिस से घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई। घायल होने के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान नईम पुत्र सहादत निवासी नई बस्ती बारादरी, थाना सदर कोतवाली, जनपद मुरादाबाद के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार नईम एक शातिर अपराधी है और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में लूट, छिनैती और आर्म्स एक्ट समेत छह आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था और पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
केनरा बैंक के बाहर हुई थी सनसनीखेज लूट
अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी कुलदीप सिंह ने बताया कि नईम थाना संभल क्षेत्र में केनरा बैंक के सामने हुई डेढ़ लाख रुपये की लूट की वारदात का मुख्य आरोपी था। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। पुलिस ने मामले के खुलासे के लिए कई टीमें गठित की थीं और लगातार आरोपियों की तलाश की जा रही थी।
उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस पहले ही दिलदार पुत्र नौशे निवासी टांडा जनपद रामपुर तथा हारुन उर्फ डॉन निवासी खालसा, मुरादाबाद को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। हालांकि गिरोह का सरगना नईम लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। आखिरकार सोमवार रात पुलिस ने उसे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
सेवानिवृत्ति की रकम लेकर घर लौट रहे थे विक्रम सिंह
गौरतलब है कि 11 मई को थाना नखासा क्षेत्र के गांव चंदौली निवासी विक्रम सिंह पुत्र आसाराम लूट का शिकार हुए थे। विक्रम सिंह पशु चिकित्सा विभाग में कंपाउंडर के पद से 28 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए थे। बेटी की शादी के बाद बची हुई रकम और सेवानिवृत्ति से संबंधित धनराशि निकालने के लिए वह बैंक पहुंचे थे।
बताया गया कि बैंक से करीब डेढ़ लाख रुपये निकालने के बाद वह साइकिल से घर लौट रहे थे। इसी दौरान संभल कोतवाली क्षेत्र में केनरा बैंक के पास तीन बदमाशों ने उनकी साइकिल रोक ली और उनसे रुपयों से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) June 22, 2026












