सहारनपुर: निजीकरण के खिलाफ सफाई कर्मचारियों का हल्ला बोल,75 करोड़ के ठेके पर उठाए सवाल, हड़ताल की चेतावनी

सहारनपुर

उत्तर प्रदेश नगर निगम सहारनपुर द्वारा शहर की सफाई व्यवस्था एक निजी कंपनी को सौंपे जाने के प्रस्ताव ने तूल पकड़ लिया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ न्यूज़ 24 की ख़ास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश नगर निगम सहारनपुर द्वारा शहर की सफाई व्यवस्था एक निजी कंपनी को सौंपे जाने के प्रस्ताव ने तूल पकड़ लिया है। उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ और अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस सहित कई संगठनों के आह्वान पर आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों ने आंदोलन तेज कर दिया है। पुरानी मंडी स्थित आली की चुंगी पर आयोजित बैठक में कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यदि निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो पूरे शहर की सफाई व्यवस्था ठप कर दी जाएगी।

निजी कंपनियां करती हैं शोषण कर्मचारी नेता

बैठक को संबोधित करते हुए वाल्मीकि समाज के जिला अध्यक्ष विनोद घावरी और अन्य संघ नेताओं ने निजी कंपनियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए।

शोषण का आरोप: नेताओं का कहना है कि निजी कंपनियां अपने मुनाफे के लिए सफाई कर्मचारियों का आर्थिक, मानसिक और शारीरिक शोषण करती हैं।

पुराना अनुभव: कर्मचारियों ने याद दिलाया कि पूर्व में भी निजी कंपनियों के माध्यम से सफाई कार्य कराने का प्रयोग पूरी तरह विफल रहा था।

75 करोड़ के खर्च पर उठाए सवाल

कर्मचारी संगठनों ने नगर निगम की नई योजना के वित्तीय पक्ष पर भी सवाल खड़े किए हैं।

भारी भरकम बजट: आरोप है कि नगर निगम प्रशासन करीब 75 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष खर्च कर निजी कंपनी को ठेका देने की तैयारी में है।

संसाधन निगम के, मलाई कंपनी की: नेताओं का तर्क है कि जब वाहन और अन्य संसाधन नगर निगम के ही इस्तेमाल होंगे, तो कंपनी को इतना बड़ा भुगतान क्यों किया जा रहा है?

वर्तमान व्यवस्था बेहतर: वर्तमान में नगर निगम ‘शहरी आजीविका केंद्र’ के माध्यम से आउटसोर्सिंग कर्मियों से काम करा रहा है, जिससे व्यवस्था सुचारू है और कर्मचारियों का शोषण भी नहीं हो रहा।

आंदोलन और हड़ताल की दी चेतावनी

संगठनों ने बताया कि इस मुद्दे पर 6 मई 2026 को प्रशासन को मांग पत्र सौंपा गया था, लेकिन शासन की ओर से कोई सकारात्मक रुख नहीं दिखाया गया। सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि निजी कंपनी को ठेका देने का निर्णय तत्काल वापस नहीं लिया गया, तो वे उग्र आंदोलन और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

इस अवसर पर ब्रजमोहन चनालिया, रघुवीर चंदेल, मनमोहन सूद, अम्बर चंदेल, चेतन चणियाणे, अविनाश बिरला और विनोद घावरी सहित भारी संख्या में सफाई कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

Voice Of News 24

 

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