बलिया
बलिया जनपद के कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बलिया जनपद के कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई। जब एक युवक ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह करने की कोशिश की। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए युवक को हिरासत में ले लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। युवक अपनी पत्नी की इलाज के दौरान हुई मौत के मामले में आरोपी डॉक्टरों की गिरफ्तारी न होने से क्षुब्ध था।
क्या है पूरा मामला?
मामला शहर के अपूर्वा नर्सिंग होम से जुड़ा है। बीती 22 मार्च को देवकली (थाना सुखपुरा) निवासी शिवांशु राय की 24 वर्षीया पत्नी अनीषा का पथरी का ऑपरेशन किया गया था, जिसके दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण अनीषा की जान गई। इस संबंध में पाँच डॉक्टरों के विरुद्ध नामजद मुकदमा भी दर्ज किया गया था, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई।
पुलिस के पहरे को चकमा देकर पहुंचा कलेक्ट्रेट
शिवांशु राय ने पहले ही जिला प्रशासन को चेतावनी दी थी कि यदि 16 अप्रैल तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे 17 अप्रैल को आत्मदाह करेंगे। इस चेतावनी के मद्देनजर कलेक्ट्रेट पर सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात था और सघन चेकिंग की जा रही थी। इसके बावजूद शिवांशु पुलिस को चकमा देकर परिसर में घुस गए और अचानक अपने ऊपर तेल उड़ेलना शुरू कर दिया।
आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं: पीड़ित पति
हिरासत में लिए जाने के दौरान शिवांशु राय ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “पुलिस हत्या के आरोपियों (डॉ. ज्योत्स्ना सिंह, डॉ. अपूर्वा सिंह, डॉ. रोहन गुप्ता और विनोद) को पकड़ने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रही है। पुलिस को डॉक्टरों के घर नोटिस चस्पा करने चाहिए थे, लेकिन वे पीड़ित के घर नोटिस चिपका रहे हैं।” इस दौरान कलेक्ट्रेट में मौजूद अन्य लोगों ने भी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
सीओ सिटी मोहम्मद उस्मान ने बताया कि
22 मार्च की घटना के बाद वादी की तहरीर पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था।
सीएमओ बलिया द्वारा गठित जांच टीम ने 14 अप्रैल को अपनी रिपोर्ट विवेचक को सौंप दी है, जिसके आधार पर कानूनी कार्यवाही चल रही है।
आत्मदाह की धमकी को देखते हुए एसडीएम सदर द्वारा नोटिस जारी किया गया था और परिजनों को भी समझाया गया था।
आज के कृत्य के बाद युवक को हिरासत में लेकर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
इंसाफ के लिए हो रहे थे प्रदर्शन
अनीषा की मौत के बाद से ही बलिया में छात्र नेताओं और स्थानीय लोगों का गुस्सा उबल रहा था। दोषियों की गिरफ्तारी के लिए कैंडल मार्च, शहीद पार्क में प्रदर्शन, भिक्षाटन और यहाँ तक कि बूट पॉलिश करके विरोध दर्ज कराया गया था। पीड़ित परिवार का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाता है।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) April 17, 2026






















