बलिया में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के खिलाफ कांग्रेस की “छात्रों की गूंज”, जिला अध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने जारी किए चौंकाने वाले आंकड़े

बलिया

देश में शिक्षा व्यवस्था की वर्तमान स्थिति, सरकारी स्कूलों के लगातार बंद होने, शिक्षकों के लाखों रिक्त पदों और तेजी से बढ़ते निजीकरण के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

देश में शिक्षा व्यवस्था की वर्तमान स्थिति, सरकारी स्कूलों के लगातार बंद होने, शिक्षकों के लाखों रिक्त पदों और तेजी से बढ़ते निजीकरण के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है। बलिया जनपद में कांग्रेस पार्टी द्वारा “छात्रों की गूंज” अभियान की औपचारिक शुरुआत करने की घोषणा की गई है। जिला कांग्रेस कमेटी बलिया के अध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने प्रेस वार्ता के दौरान देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए और चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए।

सरकारी स्कूलों में घटे छात्र, निजीकरण से आम जनता पर बढ़ा बोझ

जिला अध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने देश की बदलती शिक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में शिक्षा के बजट में लगातार कटौती की गई है। उन्होंने तुलनात्मक आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा:

सरकारी स्कूलों की स्थिति: साल 2005 में जहां देश के लगभग 71% बच्चे सरकारी विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करते थे, वहीं आज यह संख्या घटकर महज 49% रह गई है।

स्कूलों का बंद होना: पिछले कुछ वर्षों में देश भर में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जिसके समानांतर निजी (प्राइवेट) स्कूलों की बाढ़ आ गई है।

बढ़ता आर्थिक बोझ: शिक्षा के इस अंधाधुंध निजीकरण ने आम और गरीब परिवारों की कमर तोड़ दी है और उनके बच्चों के लिए पढ़ाई एक बड़ा आर्थिक बोझ बन चुकी है।

लाखों पद खाली, मूलभूत सुविधाओं से महरूम हैं बेटियां

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ देश भर के सरकारी स्कूलों और विश्वविद्यालयों में लाखों शिक्षकों के पद धूल फांक रहे हैं। अनेक विद्यालयों में बुनियादी ढांचा पूरी तरह ध्वस्त है। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में छात्राओं के लिए कार्यशील शौचालय तक उपलब्ध नहीं हैं, जो हमारे सिस्टम की सबसे बड़ी नाकामी को दर्शाता है।

जिला अध्यक्ष ने पेश किए शिक्षा और रोजगार के ये बड़े आंकड़े

उमाशंकर पाठक ने शिक्षा के व्यावसायिकरण को उजागर करते हुए कुछ बेहद गंभीर आंकड़े साझा किए:

रोजगार का संकट: आज देश में प्रति 1,000 छात्रों में से महज 12 छात्र ही सम्मानजनक रोजगार पाने में सफल हो पा रहे हैं।

नीट बनाम बजट: भारत सरकार का कुल शिक्षा बजट जहाँ 1.4 लाख करोड़ रुपये का है, वहीं देश में नीट (NEET) की तैयारी करने वाले बच्चों का सालाना खर्च ही अकेले 1.32 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

सफलता का अनुपात: हर 3,000 छात्रों में से केवल 1 छात्र आईएएस (IAS) बनता है, 30 छात्र आईआईटी (IIT) में पहुंच पाते हैं और महज 180 छात्र ही डॉक्टर बन पाते हैं।

वसूली तंत्र के खिलाफ एनएसयूआई और युवा कांग्रेस की “छात्रों की गूंज”

उमाशंकर पाठक ने कहा कि शिक्षा को केवल एक “वसूली तंत्र” और मुनाफाखोरी का जरिया बनने से रोकने के लिए कांग्रेस का छात्र संगठन एनएसयूआई और युवा कांग्रेस संयुक्त रूप से देशव्यापी “छात्रों की गूंज” अभियान चलाएगा। इस आंदोलन के जरिए देश के हर बच्चे के लिए सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर बुलंद किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस बड़े अभियान की शुरुआत कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी राजस्थान के कोटा से एक विशाल रैली के माध्यम से कर चुके हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, बिहार के पटना और देश की राजधानी दिल्ली सहित विभिन्न बड़े शहरों में ‘छात्र संवाद’ कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जहाँ राहुल गांधी जी खुद छात्रों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को सुनेंगे और संवाद करेंगे।

इस महत्वपूर्ण घोषणा के दौरान बलिया कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संतोष चौबे, सत्य प्रकाश मुन्ना उपाध्याय, उषा सिंह, हीरा राम, शशिकांत मिश्रा और अबुल फैज़ सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और छात्र उपस्थित रहे।

Voice Of News 24

This error message is only visible to WordPress admins

Error 403: The request cannot be completed because you have exceeded your quota..

Domain code: youtube.quota
Reason code: quotaExceeded

Error: No feed found with the ID 1.

Go to the All Feeds page and select an ID from an existing feed.