लखनऊ: अलीगंज के व्यावसायिक भवन में भीषण आग, जान बचाने के लिए छात्रों ने ऊपर से लगाई छलांग; सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

लखनऊ

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरनिया इलाके में सोमवार को एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान में अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरनिया इलाके में सोमवार को एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान में अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। जिस बहुमंजिला इमारत में यह हादसा हुआ, उसके ऊपरी हिस्से में एक लाइब्रेरी और कोचिंग संस्थान संचालित हो रहा था। आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि वहां पढ़ाई कर रहे दर्जनों छात्र-छात्राएं धुएं और आग के गुबार के बीच भीतर ही फंस गए।

जान बचाने की जद्दोजहद: खिड़की और छज्जों से कूदे छात्र

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत के भीतर धुआं भरने और बाहर निकलने का रास्ता बंद होने के कारण छात्रों में अफरा-तफरी मच गई। अपनी जान बचाने के लिए कई छात्र-छात्राओं ने भवन के छज्जे और ऊपरी मंजिल की खिड़कियों से नीचे सड़क पर छलांग लगा दी। ऊंचाई से कूदने के कारण कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। कुछ घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है।

राहत कार्य और मुख्यमंत्री के निर्देश
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और स्थानीय लोगों की मदद से युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का तत्काल संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचने, राहत कार्य में तेजी लाने और घायलों को समुचित व निःशुल्क इलाज मुहैया कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है और कूलिंग का काम जारी है।

सवाल: क्या ताक पर थे फायर सेफ्टी के मानक?
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर व्यावसायिक इमारतों में चल रहे कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों की सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय जनता और प्रबुद्ध वर्ग अब प्रशासन से सीधे सवाल पूछ रहा है:

मानकों की अनदेखी क्यों?: जब एक ही बहुमंजिला इमारत में लाइब्रेरी, कोचिंग और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां एक साथ संचालित हो रही थीं, तो क्या वहां अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) के पुख्ता इंतजाम थे? क्या भवन के पास फायर एनओसी  थी?

निकास मार्ग  का न होना: छात्रों को जान बचाने के लिए खिड़कियों से क्यों कूदना पड़ा? क्या इमारत में आपातकालीन निकास  की व्यवस्था नहीं थी या उसे कबाड़ से बंद किया गया था?

जिम्मेदारों पर कब होगी कार्रवाई?: बेसमेंट और ऊपरी मंजिलों पर बिना सुरक्षा इंतजामों के धड़ल्ले से चल रहे इन संस्थानों पर आबकारी, विकास प्राधिकरण  और फायर ब्रिगेड की टीमों ने पहले निरीक्षण क्यों नहीं किया? क्या इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और भवन स्वामी के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी?

लखनऊ पुलिस और प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि आग लगने के सही कारणों की जांच के साथ-साथ बिल्डिंग के सुरक्षा मानकों की भी विस्तृत स्क्रूटनी की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

 

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