बलिया

बलिया जनपद के तहसील परिसर में मंगलवार को अधिवक्ताओं ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली के विरोध में हुंकार भरते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

बलिया जनपद के तहसील परिसर में मंगलवार को अधिवक्ताओं ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली के विरोध में हुंकार भरते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। एक ओर जहां न्यायालय कक्षों में पीठासीन अधिकारी अदालती कार्रवाई में व्यस्त रहे, वहीं बरामदे में अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि लगभग तीन माह पूर्व तत्कालीन एसडीएम संजय कुशवाहा के निर्देश पर तहसील बार एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश मिश्रा व महामंत्री राजकुमार तिवारी सहित चार वकीलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। तत्कालीन डीएम द्वारा मुकदमा वापस लेने के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित हुआ था, लेकिन पुलिस ने इसके विपरीत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन बलिया के अध्यक्ष मदन वर्मा और वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत सिंह ने तहसील प्रशासन पर न्यायिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर एकतरफा आदेश पारित करने का आरोप लगाया।
धरने के दौरान कई वादकारियों ने भी तहसील की बदहाली की पोल खोली। कोटवां निवासी रामेश्वर ने एसडीएम कोर्ट से एक साल से फाइल गायब होने तथा भोपालपुर निवासी हरखनाथ ने आपत्ति फाइल गायब होने और सुनवाई न होने की शिकायत दर्ज कराई।
इस मौके पर महामंत्री राजकुमार तिवारी, शिवजी सिंह, रामप्रकाश सिंह, देवेंद्र मिश्रा, अजय सिंह, संजय सिंह, कृष्ण कुमार यादव, अनिल यादव, चंद्रशेखर यादव, विनय पांडेय और योगेंद्र पांडेय सहित दर्जनों अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
महराजगंज थाना निचलौल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोहाड़वल में संदिग्ध परिस्थितियों में एक 40 वर्षीय युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया और मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। pic.twitter.com/PUnaLjKWEC
— Voice of News 24 (@VOfnews24) September 22, 2026













