जौनपुर

जौनपुर जनपद के गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के नैपुरा विझवार सारंग गांव में करीब एक वर्ष पूर्व हुई वृद्ध सुदामा नागर की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

जौनपुर जनपद के गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के नैपुरा विझवार सारंग गांव में करीब एक वर्ष पूर्व हुई वृद्ध सुदामा नागर की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने तत्कालीन उपनिरीक्षक दरोगा और दो हेड कांस्टेबलों सहित छह लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है।
मृतक की पत्नी विमला देवी ने आरोप लगाया कि उनके पति ने गांव के धर्मेन्द्र निषाद व मिठाईलाल को 15 हजार रुपये उधार दिए थे। बकाया मांगने पर हुए विवाद की शिकायत सुदामा ने पुलिस से की थी। आरोप है कि 12 अक्टूबर को विपक्षी सुदामा को थाने ले गए, जहां दरोगा रामलाल, हेड कांस्टेबल अभिषेक व सुनील कुमार ने विपक्षियों के प्रभाव में आकर सुदामा को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।
थाने में प्रताड़ना व सदमे के कारण सुदामा की मौके पर ही मौत हो गई। उच्चाधिकारियों से न्याय न मिलने पर पीड़िता ने सीजेएम कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के कड़े रुख के बाद गौराबादशाहपुर पुलिस ने तीनों ग्रामीणों और तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 106 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जौनपुर में पीली नदी से 10 दिन बाद सपेरे युवक का शव बरामद, इलाके में सनसनीhttps://t.co/FF5giPNBco
— Voice of News 24 (@VOfnews24) September 9, 2026













