धानी

महराजगंज जनपद के धानी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा रिठिया पड़री में प्रशासनिक अनदेखी और जिम्मेदार अधिकारियों की उपेक्षा के चलते गांव की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के धानी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा रिठिया पड़री में प्रशासनिक अनदेखी और जिम्मेदार अधिकारियों की उपेक्षा के चलते गांव की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गांव के विकास और जन-सुविधाओं का मुख्य केंद्र माना जाने वाला पंचायत भवन देखरेख के अभाव में बदहाली के आंसू बहा रहा है। उचित मरम्मत और रंगाई-पुताई न होने के कारण यह महत्वपूर्ण सार्वजनिक इमारत अब किसी खंडहर जैसी नजर आने लगी है। वहीं, परिसर के चारों ओर लगे कूड़े के ढेर और गांव की चोक पड़ी नालियों ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत किए जा रहे तमाम सरकारी दावों की कलई खोलकर रख दी है।
खंडहर में तब्दील हो रहा पंचायत भवन
ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि सार्वजनिक भवनों के कायाकल्प और रखरखाव के लिए शासन स्तर से पर्याप्त बजट की व्यवस्था की जाती है, लेकिन रिठिया पड़री में इसका खुला उल्लंघन हो रहा है। लंबे समय से रंगाई-पुताई और मरम्मत न होने से पूरी इमारत वीरान व उपेक्षित पड़ी है। आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेजों और अन्य सरकारी कामकाज के सिलसिले में पंचायत भवन पहुँचने वाले ग्रामीणों को भारी असुविधा और निराशा का सामना करना पड़ रहा है।
परिसर में पसरा कचरा, संक्रामक बीमारियों का खतरा
पंचायत भवन परिसर में नियमित झाड़ू न लगने से चारों तरफ कूड़े-कचरे का अंबार लगा हुआ है। दुर्गंध और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के कारण आसपास के रहवासियों का जीना मुहाल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान से पूरे गांव के विकास और स्वच्छता की रूपरेखा तय होनी चाहिए, वही परिसर खुद प्रशासनिक उदासीनता का शिकार होकर बदबू मार रहा है। इससे क्षेत्र में संक्रामक बीमारियां फैलने का भी गंभीर खतरा बना हुआ है।
गाद से पटी नालियां, जलभराव की बढ़ी आशंका
गांव की आंतरिक सड़कों के किनारे बनी नालियों की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है। महीनों से सफाई न होने के चलते नालियां सिल्ट और पॉलीथिन के कचरे से पूरी तरह चोक हो चुकी हैं, जिससे गंदे पानी की निकासी पूरी तरह ठप है।
स्थानीय ग्रामीणों ने जल्द से जल्द पंचायत भवन का कायाकल्प कराने, नियमित सफाई व्यवस्था बहाल करने और चोक नालियों की गाद निकलवाने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि खबर सार्वजनिक होने के बाद संबंधित प्रशासनिक अधिकारी इस ओर ध्यान देते हैं या रिठिया पड़री के लोग इसी तरह अव्यवस्था के साये में जीने को मजबूर रहेंगे।
उत्तर प्रदेश में जनसमस्याओं और राजस्व मामलों के निस्तारण में हीला-हवाली करने वाले अधिकारियों पर शासन का कड़ा चाबुक चला है। pic.twitter.com/N8Frx4NX8e
— Voice of News 24 (@VOfnews24) September 8, 2026












