मेरठ

जनपद मेरठ के किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के साथ पुलिस कस्टडी में हुई मारपीट के विरोध में सोमवार को चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से कलेक्ट्रेट तक निकाला जाने वाला छात्रों का पैदल मार्च पुलिस प्रशासन ने रोक दिया। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

जनपद मेरठ के किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के साथ पुलिस कस्टडी में हुई मारपीट के विरोध में सोमवार को चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से कलेक्ट्रेट तक निकाला जाने वाला छात्रों का पैदल मार्च पुलिस प्रशासन ने रोक दिया। प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए यूनिवर्सिटी परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

यूमिवर्सिटी से कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे छात्रों को पुलिस ने मुख्य गेट पर ही रोक दिया, जिससे नाराज होकर छात्र वहीं धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह और एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित छात्रों से वार्ता की और नए एसएसपी से मुलाकात कराने का आश्वासन देकर पैदल मार्च को रद्द कराया।
इसके बाद एसपी सिटी छात्रों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल में शामिल सपा नेता हिमांशु सिद्धार्थ ने एसएसपी के समक्ष मांगें रखीं। इनमें ललिता गौतम हत्याकांड के आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे सहित दोषी पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित करने की मांग शामिल थी। एसएसपी ने शासन की गाइडलाइंस के अनुसार मामले में निष्पक्ष जांच और नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पुलिस का एक संवेदनशील और मानवीय चेहरा सामने आया है। भीषण धूप और भारी ट्रैफिक जाम के बीच फंसी एक बीमार बुजुर्ग महिला की मदद के लिए एसपी सिटी रणविजय सिंह खुद आगे आए। pic.twitter.com/dDIAIGawo5
— Voice of News 24 (@VOfnews24) August 24, 2026






















