महराजगंज
महराजगंज “1871 के टाउन, आ सबसे बा डाउन, अंदर से नंगा, आ ऊपर से गाउन ” कवि और साहित्यकार आलोक शर्मा की इन व्यंग्यात्मक पंक्तियों ने सिसवा नगर की बदहाल स्थिति और प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज “1871 के टाउन, आ सबसे बा डाउन, अंदर से नंगा, आ ऊपर से गाउन ” कवि और साहित्यकार आलोक शर्मा की इन व्यंग्यात्मक पंक्तियों ने सिसवा नगर की बदहाल स्थिति और प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है। 1871 में ऐतिहासिक पहचान पाने वाला यह नगर आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है।
स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का कहना है कि बढ़ती आबादी के बावजूद विकास की रफ्तार बेहद धीमी है। नगर की मुख्य सड़कों पर अव्यवस्थित यातायात और पार्किंग की कमी से आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं, नालियों की समुचित सफाई न होने और जलभराव की समस्या ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है।
साहित्यकार के इस तीखे व्यंग्य के जरिए व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा किया गया है। स्थानीय नागरिकों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से केवल कागजी विकास के बजाय धरातल पर सुचारु यातायात, सफाई, प्रकाश व्यवस्था और जलनिकासी के स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि ऐतिहासिक सिसवा को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर एक स्वच्छ और सुंदर नगर बनाया जा सके।
लखीमपुर खीरी दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में समाजवादी पार्टी ने मंगलवार रात लखीमपुर खीरी में प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ता लोहिया भवन पर एकत्र हुए और मौजूदा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। pic.twitter.com/5v1ccNDMV5
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 22, 2026













