बागपत
जनपद बागपत में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर सोमवार को दोपहर करीब 2 बजे भारी संख्या में पहुंचे सरूरपुर गांव के किसानों ने एक दरोगा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

जनपद बागपत में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर सोमवार को दोपहर करीब 2 बजे भारी संख्या में पहुंचे सरूरपुर गांव के किसानों ने एक दरोगा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सरूरपुर पुलिस चौकी पर तैनात दरोगा पर बेवजह चालान काटने और बुजुर्ग किसानों के साथ अमर्यादित व अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित किसानों ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर आरोपी दरोगा के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
खेतों के रास्तों पर भी चालान, घर से 50 मीटर की दूरी पर काटी पर्ची
एसपी कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों और किसानों ने लिखित शिकायत देते हुए आरोप लगाया कि सरूरपुर चौकी पर तैनात दरोगा खेतों में काम करने जाने वाले सीधे-साधे किसानों को जानबूझकर परेशान कर रहा है। हद तो तब हो गई जब खेतों की ओर जाने वाले अंदरूनी रास्तों पर भी पुलिस ने चालान काटना शुरू कर दिया।
किसानों ने हाल ही का एक उदाहरण देते हुए बताया कि एक बुजुर्ग किसान अपने घर से खेत के लिए निकला था। उसका घर पुलिस चौकी से मात्र 50 मीटर की दूरी पर स्थित है। जब बुजुर्ग ने दरोगा को स्पष्ट बताया कि वह पास ही अपने खेत पर काम के सिलसिले में जा रहा है, इसके बावजूद दरोगा ने उसकी एक न सुनी और जबरन चालान काट दिया।
कार्रवाई की मांग पर अड़े किसान, उच्चाधिकारियों ने दिया भरोसा
दरोगा की इस मनमानी और बदसलूकी से आक्रोशित दर्जनों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और वाहनों से बागपत एसपी दफ्तर पहुंचे। किसानों ने कहा कि एक तरफ तो अन्नदाता दिन-रात खेतों में मेहनत कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस सुरक्षा देने के बजाय उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी कार्यालय में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे किसानों को शांत कराया। अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहनता से जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित दरोगा के खिलाफ सख्त और उचित विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बड़ा सवाल
रक्षक ही भक्षक बन जाए तो जनता न्याय के लिए कहां जाए? खेतों में जाने वाले किसानों के साथ महज 50 मीटर की दूरी पर इस तरह का व्यवहार और चालान काटना पुलिस की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद अधिकारी अपने मातहत पर क्या एक्शन लेते हैं।
टूटती सड़क दे रही मौत को दावत, ग्रामीणों में भारी आक्रोश; ज्ञापन के बाद भी जिम्मेदार मौनhttps://t.co/wpu91ReqUL
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 20, 2026













