संभल
संभल में आम आदमी पार्टी ने सोमवार को शिक्षाविद सोनम वांगचुक के समर्थन और रामपुर स्थित मौलाना अली जौहर विश्वविद्यालय पर हो रही प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में एक विशाल पैदल मार्च निकाला।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

संभल में आम आदमी पार्टी ने सोमवार को शिक्षाविद सोनम वांगचुक के समर्थन और रामपुर स्थित मौलाना अली जौहर विश्वविद्यालय पर हो रही प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में एक विशाल पैदल मार्च निकाला। यह मार्च बदायूं दरवाजा से शुरू होकर चौधरी सराय पर जाकर संपन्न हुआ, जिसमें पार्टी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सरकार विरोधी नारे लगाए।
युवाओं के भविष्य और पेपर लीक पर उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रांतीय प्रवक्ता आतिर हुसैन के नेतृत्व में यह मार्च दोपहर में शुरू हुआ। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आतिर हुसैन ने सरकार की नीतियों पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि आज देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधकार में है। पेपर लीक की निरंतर होती घटनाएं, बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की घोर उपेक्षा ने छात्रों और युवाओं को निराश किया है।
सोनम वांगचुक के आंदोलन का किया समर्थन
प्रवक्ता ने प्रख्यात शिक्षाविद सोनम वांगचुक के 21 दिवसीय शांतिपूर्ण अनशन का विशेष रूप से उल्लेख किया, जो छात्रों के अधिकारों और देश की शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल सुधार की मांग को लेकर किया गया था। हुसैन ने आरोप लगाया कि सरकार ने उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करने और संवाद स्थापित करने के बजाय, तानाशाही रवैया अपनाते हुए उन्हें जबरन धरना स्थल से उठाकर अस्पताल भेज दिया, जो पूरी तरह अलोकतांत्रिक है।
जौहर यूनिवर्सिटी की कार्रवाई को बताया राजनीतिक द्वेष
रामपुर के मौलाना अली जौहर विश्वविद्यालय पर हो रही कार्रवाई पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए आतिर हुसैन ने कहा कि सरकार का मूल दायित्व नए शिक्षण संस्थानों को बनाना और पुरानों को मजबूत करना है, न कि उन्हें नष्ट करना। उन्होंने तर्क दिया कि यदि किसी विश्वविद्यालय में प्रशासनिक, तकनीकी या नक्शे से संबंधित कोई विधिक कमी है, तो उसका समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक अनुमतियां देकर किया जाना चाहिए। हुसैन ने सीधा आरोप लगाते हुए कहा, “यदि इस विश्वविद्यालय का संबंध वरिष्ठ नेता आजम खान से न होता, तो शायद प्रशासन इस तरह की दमनकारी कार्रवाई नहीं करता। यह पूरी कार्रवाई केवल राजनीतिक द्वेष और दुर्भावना से प्रेरित है।”
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग
पैदल मार्च के समापन पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने देश की बदहाल शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के साथ हो रहे खिलवाड़ की नैतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग की। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। ‘आप’ नेताओं ने चेताया कि यदि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए, तो उनका यह आंदोलन और उग्र होगा। इस दौरान कानून व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
टूटती सड़क दे रही मौत को दावत, ग्रामीणों में भारी आक्रोश; ज्ञापन के बाद भी जिम्मेदार मौनhttps://t.co/wpu91ReqUL
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 20, 2026













