महराजगंज
भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र ठूठीबारी के टोला सड़कहवाँ की मुख्य सड़क इन दिनों पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। यह सड़क राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र ठूठीबारी के टोला सड़कहवाँ की मुख्य सड़क इन दिनों पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। यह सड़क राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है। नदियों/नालों के बढ़ते जलस्तर के कारण सड़क का लगातार कटाव हो रहा है, जिससे यहाँ कभी भी कोई बड़ा और भयानक हादसा होने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन के इस ढुलमुल रवैये को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
अधिकारियों को सौंपे गए ज्ञापन रहे बेअसर
स्थानीय ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि सड़क की बदहाली और मरम्मत को लेकर कई बार संबंधित उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन अब तक धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। शासन-प्रशासन की इस उदासीनता के कारण सड़क की स्थिति दिन-प्रतिदिन और भी ज्यादा बदतर होती जा रही है। जलस्तर बढ़ने से सड़क का किनारा लगातार कट कर खाई में तब्दील हो रहा है, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों के लिए यहाँ से गुजरना सीधे तौर पर जान जोखिम में डालना है।
दर्जनों गांवों का संपर्क मार्ग, देर रात तक रहता है आवागमन
सीमावर्ती क्षेत्र होने के साथ-साथ यह बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, जो धरमौली, रामनगर, किशुनपुर और डगरपुर सहित दर्जनों गांवों को मुख्यधारा से जोड़ता है। इस रास्ते से रोजाना सैकड़ों लोगों की आवाजाही होती है। सीमावर्ती इलाका होने के कारण देर रात तक इस सड़क पर वाहनों का आना-जाना लगा रहता है, जिससे रात के अंधेरे में दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते विभाग नहीं जागा, तो यहाँ कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।
प्रशासन को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
त्रस्त ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने, कटाव प्रभावित हिस्सों पर सुरक्षा बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने तथा इसका स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस जानलेवा समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन की होगी।
बड़ा सवाल: वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि टूटती हुई यह सड़क जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है या वक्त रहते इस पर सुध ली जाएगी?
बलिया पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। स्वाट/सर्विलांस टीम और थाना बैरिया पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात मुठभेड़ के बाद 5 शातिर अंतरराज्यीय वाहन चोरों को pic.twitter.com/uiMXKp9VuN
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 19, 2026













