मेरठ: सांसद धर्मेंद्र यादव की पूर्व पत्नी मोनिका और जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ने रचाई शादी, सोलन में सात फेरे

मेरठ

उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी और दिलचस्प खबर सामने आई है। फर्रुखाबाद की जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव और मेरठ के जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ने अपने पुराने रिश्तों को पीछे छोड़ते हुए एक नई शुरुआत की है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी और दिलचस्प खबर सामने आई है। फर्रुखाबाद की जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव और मेरठ के जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ने अपने पुराने रिश्तों को पीछे छोड़ते हुए एक नई शुरुआत की है। दोनों ने हिमाचल प्रदेश के सोलन में बेहद सादगी के साथ आयोजित एक निजी समारोह में सात फेरे लेकर शादी रचा ली है। इस विवाह की प्लानिंग इतनी गोपनीय रखी गई थी कि फेरे होने तक इसकी भनक किसी को नहीं लगी।

दोनों का रहा है तलाक का इतिहास

जानकारी के अनुसार, यह दोनों ही नेताओं की दूसरी शादी है

मोनिका यादव: मुलायम सिंह यादव परिवार की पूर्व बहू हैं। इनकी शादी सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के चचेरे भाई और आजमगढ़ के मौजूदा सांसद धर्मेंद्र यादव से हुई थी। हालांकि, बाद में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया था।

गौरव चौधरी: मेरठ के जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ने भी अपनी पूर्व विदेशी पत्नी से तलाक लेकर यह नया सफर शुरू किया है।

सोलन में जुटे दोनों परिवारों के गिने-चुने सदस्य

इस वीआईपी शादी को बेहद सीमित और पारिवारिक रखा गया था। शादी की रस्मों के दौरान दोनों पक्षों से बेहद करीबी लोग ही शामिल हुए:

वर पक्ष से: गौरव चौधरी के पिता चौधरी महकार सिंह, माता रेखा देवी, भाई नितिन चौधरी और भाभी निहारिका सिंह मौजूद रहे।

वधू पक्ष से: मोनिका यादव के पिता व उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कद्दावर मंत्री नरेंद्र सिंह यादव और सचिन यादव ने विवाह की रस्में पूरी कराईं।

शादी की तस्वीरें सार्वजनिक होने के बाद अब सोशल मीडिया पर इस नवविवाहित जोड़े को बधाई देने वालों का तांता लग गया है।

जर्मनी रिटर्न बिजनेसमैन हैं गौरव चौधरी

गौरव चौधरी मेरठ जिले के कुसेड़ी गांव के रहने वाले हैं। साल 2006 में वे ‘बैचलर ऑफ इंटरनेशनल बिजनेस’ की पढ़ाई करने जर्मनी गए थे। वहां उन्होंने होटल्स और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में एक सफल बिजनेसमैन के रूप में अपनी पहचान बनाई। साल 2021 में भारत लौटकर उन्होंने राजनीति में कदम रखा। बीजेपी के समर्थन से वे मेरठ के निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए और वर्तमान में पश्चिम यूपी की राजनीति में एक परिपक्व नेता के तौर पर स्थापित हैं।

कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ राजनीति में आईं मोनिका यादव

मोनिका यादव एक बड़े राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखती हैं। उनके दादा साल 1952 से लगातार विधायक और मंत्री रहे, जबकि उनके पिता नरेंद्र सिंह यादव भी सपा के बड़े नेताओं में शुमार रहे हैं। राजनीति में आने से पहले मोनिका एक मल्टीनेशनल कंपनी में बतौर एचआर हेड काम कर रही थीं। बाद में पिता और दादा की विरासत को संभालते हुए उन्होंने राजनीति में एंट्री की। साल 2021 में उन्होंने समाजवादी पार्टी छोड़ दी और भाजपा के समर्थन से फर्रुखाबाद की जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी हासिल की।

दोनों परिवारों के सदस्यों की मौजूदगी में बेहद सादगीपूर्ण माहौल में दोनों बच्चों की शादी की रस्में पूरी हुई हैं। दोनों काफी समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे और उन्होंने आपसी सहमति से इस नए जीवन की शुरुआत की है।

 

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