महराजगंज: एसएसबी ने बचाई घायल चीतल की जान, जंगली कुत्तों के हमले के बाद किया सफल रेस्क्यू

महराजगंज

महराजगंज भारत-नेपाल सीमा पर तैनात 22वीं वाहिनी एसएसबी की टीम ने सोमवार सुबह तत्परता दिखाते हुए एक नर चीतल का सफल रेस्क्यू किया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज भारत-नेपाल सीमा पर तैनात 22वीं वाहिनी एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) की टीम ने सोमवार सुबह तत्परता दिखाते हुए एक नर चीतल का सफल रेस्क्यू किया। जंगली कुत्तों के हमले में गंभीर रूप से घायल हुआ यह चीतल भटककर आबादी वाले क्षेत्र में आ गया था।

झाड़ियों में लहूलुहान अवस्था में मिला चीतल

जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह लगभग 08:25 बजे एसएसबी की आसूचना शाखा को खबर मिली कि दर्ज़निया जंगल की ओर से एक चीतल निकलकर रिहायशी इलाके की तरफ आ गया है। सूचना मिलते ही ‘ई’ समवाय के प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में एक टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई।

काफी खोजबीन के बाद टीम ने सीमा स्तम्भ संख्या-501 से करीब एक किलोमीटर पूर्व, बम्बू झाड़ी पोस्ट के पास नो-मैन्स लैंड से लगभग 25 मीटर भारतीय सीमा के अंदर झाड़ियों में चीतल को ढूंढ निकाला। चीतल के शरीर और पैरों पर गहरे घाव थे और खून बह रहा था।

एसएसबी मेडिकल स्टाफ ने किया प्राथमिक उपचार

जंगली कुत्तों से घिरे और बुरी तरह जख्मी चीतल को एसएसबी टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद समवाय में मौजूद मेडिकल स्टाफ ने मानवता का परिचय देते हुए तत्काल उसका प्राथमिक उपचार किया, जिससे उसकी जान बचाई जा सकी।

वन विभाग निचलौल को सौंपा गया

घटना की सूचना तुरंत वन विभाग निचलौल को दी गई। प्राथमिक उपचार के बाद घायल चीतल को सरकारी वाहन के जरिए समवाय मुख्यालय लाया गया और आगे के बेहतर इलाज के लिए वन विभाग की टीम को सुपुर्द कर दिया गया। सीमा सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण के प्रति एसएसबी झुलनीपुर टीम के इस सराहनीय कार्य की स्थानीय स्तर पर जमकर प्रशंसा की जा रही है।

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