सावधान! क्या आपको भी धुंधला दिख रहा है? कहीं ये मोतियाबिंद की दस्तक तो नहीं?नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराधा सैनी

ब्यूरो रिपोर्ट

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और गैजेट्स के बढ़ते इस्तेमाल के बीच हम अक्सर अपनी आंखों की सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और गैजेट्स के बढ़ते इस्तेमाल के बीच हम अक्सर अपनी आंखों की सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी आंखों में दिखने वाले कुछ मामूली से लक्षण एक गंभीर समस्या यानी मोतियाबिंद का संकेत हो सकते हैं?

वॉइस ऑफ न्यूज 24 के खास एपिसोड में आज हमारे साथ जुड़ीं जानी-मानी नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराधा सैनी। उन्होंने मोतियाबिंद से जुड़ी उन तमाम बारीकियों पर चर्चा की, जिन्हें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।

लक्षण जिन्हें भूलकर भी न करें नजरअंदाज

डॉ. अनुराधा सैनी के अनुसार, अगर आपको नीचे दिए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

धुंधला दिखाई देना: जैसे आंखों के सामने कोई कोहरा या बादल छा गया हो।

रोशनी से परेशानी: रात में गाड़ी चलाते समय सामने वाली लाइट से ज्यादा चौंध लगना।

रंगों का फीका पड़ना: चीजों के असली रंग की जगह पीलापन दिखाई देना।

बार-बार चश्मे का नंबर बदलना: अगर आपका नंबर बहुत जल्दी-जल्दी बदल रहा है।

क्यों होता है मोतियाबिंद? 

चर्चा के दौरान डॉ. अनुराधा सैनी ने बताया कि मोतियाबिंद केवल बढ़ती उम्र का हिस्सा नहीं है, इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं:

बढ़ती उम्र: 50-60 की उम्र के बाद लेंस का प्राकृतिक रूप से धुंधला होना। परिवार में पहले किसी को यह समस्या रही हो। डायबिटीज (मधुमेह) के रोगियों में इसका खतरा अधिक होता है।आंख में चोट लगना या बिना डॉक्टरी सलाह के लंबे समय तक आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल।

भयभीत होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में इसका सटीक समाधान मौजूद है। डॉ. अनुराधा सैनी ने ऑपरेशन से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य साझा किए

आजकल मोतियाबिंद का ऑपरेशन बिना टांके और बिना दर्द के संभव है। फेकोइमल्सीफिकेशन (Phacoemulsification) जैसी तकनीकों की मदद से मरीज महज कुछ ही घंटों में अपने घर जा सकता है और अगले ही दिन से सामान्य कामकाज शुरू कर सकता है।”

बाजार में अब मोनोफोकल, मल्टीफोकल और टोरिक लेंस उपलब्ध हैं, जो चश्मे पर आपकी निर्भरता को लगभग खत्म कर देते हैं।

सही समय पर सर्जरी

डॉ. अनुराधा सैनी ने स्पष्ट किया कि मोतियाबिंद के ‘पकने’ का इंतजार करना पुरानी बात हो गई है। जैसे ही आपकी दृष्टि बाधित हो, ऑपरेशन कराना ही समझदारी है।

Voice Of News 24 

 

This error message is only visible to WordPress admins

Error 403: The request cannot be completed because you have exceeded your quota..

Domain code: youtube.quota
Reason code: quotaExceeded

Error: No feed found with the ID 1.

Go to the All Feeds page and select an ID from an existing feed.