सिद्धार्थनगर जिले में खत्म हुआ पुलिसिया खौफ़,आधी रात में आधा दर्जन टूटे ताले,सोती रही पुलिस,लूट गई कई दुकानें

Voice Of News 24

14 Feb 2024 01:34AM

सिद्धार्थनगर जिले में बीती रात चोरों ने पुलिस को ऐसा सदमा दिया है कि पुलिस वालों की नींद हराम हो गई है,इसी रात चोरों ने पुलिस की तत्परता और गस्त की पोल खोल कर रख दी है,जानिए पूरा चोरीकांड...

सिद्धार्थनगर

जिले भर में इस वक्त चोरों ने पुलिस की नाक में दम कर डाला है,प्रशासन के नाक के नीचे ही कट रही सेंध पुलिसिया व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।एक रात में आधा दर्जन घरों और दुकानों में हुई चोरियों के वारदात में चोरों को मिली कामयाबी और सुस्त पुलिसिया तन्त्र हुआ पस्त।
सिद्धार्थनगर जनपद में चोरी के मानचित्र का ग्राफ हर रोज बढ़ता जा रहा है और पुलिस हवा में तीर चला रही है।बीती रात पीड़ित महिला ने बताया कि उसके गैर मौजूदगी में उसके घर से लाखों के गहने समेत समान चोर उड़ा ले गए।जिसमे सिलाई वाले से लेकर कई बड़े दुकानदारों के यहाँ भी बड़े पैमाने पर चोरियां हुई है ।

गूगल एप फार्म में बराबर गस्त दिखा कर अपने आला अफसरों के आखों में किस तरह इनके अधिकारी धूल झोंक रहे हैं ये ताबड़तोड़ चोरियां इनकी नकाबपोशी से बेपर्दा कर दे रही है।इस कदर हुई चोरियां और चोरों का ललकार उसका थाना के पृष्टभूमि से पर्दा उठा रहे हैं,जरा एक बार आप भी तो जानिए यहाँ क्या है गोलमाल ?

हालहि में पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने पुलिस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नए थानेदार की तैनाती उसका थाने पर की है लेकिन, पुलिस के कोरे कागजों में एक नया अध्याय हुई बेधड़क चोरियों की नाकाम कुंडली में जुड़ गया है,जिसमे पुलिस अभी तक हाथ मल रही है और चोर अपने इरादे पर बिल्कुल खरे उतर रहे हैं। जिले में पस्त दिख रहा कानून व्यवस्था और केवल चल रहा चोर सिपाही के लुकाछिपी का खेल।आधी रात को अगर आधा दर्जन घरों में सेंध कट जाए तो पुलिसिया इकबाल तो चोरों के चक्रव्यूह में जरूर भटक जा रहा है।

जिले में अब हर एक मुँह दूसरे मुँह से यह सवाल पूछे फिर रहा है कि कब तक ऐसे चलता रहेगा चोर सिपाही का खेल?कब लगाम लगेगी चोरियों की बारदात पर ?पुलिस ऐसे ही हाथ पर हाथ रखकर बैठी रहेगी या फिर चोरी पर लगाम लगाने के लिए कोई खाका बुन रही है पुलिस? ऐसी जितनी मुँह उतनी बातों ने जिले की सरगर्मियां बढ़ा रखी है।फिलहाल यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि इस बड़ी वारदात का खुलासा होता है या फिर ऐसे ही तहरीर के पन्ने आलमारियों में दम तोड़ देंगे।