ममता की अमर गाथा :सांसें टूट गईं पर आलिंगन नहीं, एक तस्वीर जो पत्थर को भी रुला दे

ब्यूरो रिपोर्ट

कहते हैं कि ईश्वर हर जगह नहीं हो सकता था, इसलिए उसने ‘माँ’ को बनाया। यह केवल कहावत नहीं, बल्कि वह शाश्वत सत्य है जिसे समय-समय पर ऐसी तस्वीरें प्रमाणित करती हैं ।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

कहते हैं कि ईश्वर हर जगह नहीं हो सकता था, इसलिए उसने ‘माँ’ को बनाया। यह केवल कहावत नहीं, बल्कि वह शाश्वत सत्य है जिसे समय-समय पर ऐसी तस्वीरें प्रमाणित करती हैं जो हजार शब्दों से भी अधिक प्रभावशाली होती हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल होती एक तस्वीर (या दृश्य) ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है, जिसमें एक माँ अपनी आखिरी सांस तक अपने कलेजे के टुकड़े को सीने से लगाए रही।

मौत को मात देता ममता का स्पर्श

विपदा चाहे कोई भी हो भूकंप, दुर्घटना या कोई प्राकृतिक आपदा इतिहास गवाह है कि माँ ने हमेशा ढाल बनकर अपने बच्चे की रक्षा की है। इस मार्मिक दृश्य में देखा जा सकता है कि मृत्यु की क्रूरता भी माँ के सुरक्षा घेरे को नहीं तोड़ सकी। शरीर निर्जीव हो गया, धड़कनें रुक गईं, लेकिन उसके हाथ अपने बच्चे को सुरक्षित रखने के उसी भाव में जकड़े रहे, जैसे वे यमराज से लड़ रहे हों।

हर ताकत हार सकती है, माँ का प्यार नहीं

दुनिया में सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे और आधुनिक तकनीकें फेल हो सकती हैं, लेकिन एक माँ का अपने बच्चे के प्रति समर्पण कभी हार नहीं मानता। यह तस्वीर हमें सिखाती है कि

माँ का प्यार ही दुनिया की एकमात्र शक्ति है जिसमें ‘स्व’ का कोई स्थान नहीं होता।

अपनी जान की बाजी लगाकर भी संतान को आंच न आने देना ही माँ का धर्म है।

प्रलय के सामने भी माँ की ममता एक ऐसी दीवार बनकर खड़ी होती है जिसे ढहाना असंभव है।

एक मौन संदेश

Image

यह तस्वीर केवल दुख का प्रतीक नहीं है, बल्कि उस ममतामयी ताकत का उत्सव है जो हमें इंसान बनाती है। यह हमें याद दिलाती है कि हम चाहे कितने भी बड़े हो जाएं, उस माँ के ऋणी हमेशा रहेंगे जिसने हमें अपनी गोद में दुनिया के हर डर से सुरक्षित रखा।माँ का प्यार वह दीपक है जो मृत्यु के अंधकार में भी अपनी संतान के लिए आशा की लौ जलाए रखता है।

कुदरत का कहर या सिस्टम की चूक?

30 अप्रैल की शाम जबलपुर के बरगी डैम में जो हुआ, उसने पर्यटन सुरक्षा के दावों की पोल खोल कर रख दी है। शाम के समय जब पर्यटक लहरों के बीच क्रूज का आनंद ले रहे थे, तभी अचानक आए तेज अंधड़ और लापरवाही के मेल ने 9 लोगों की जान ले ली। सुहाना मौसम पल भर में मातम में बदल गया।

शुरुआती जांच और चश्मदीदों के अनुसार, शाम को अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। लहरें उग्र होने लगीं और क्रूज अनियंत्रित होकर पलट गया।

 

Voice Of News 24

This error message is only visible to WordPress admins

Error 403: The request cannot be completed because you have exceeded your quota..

Domain code: youtube.quota
Reason code: quotaExceeded

Error: No feed found with the ID 1.

Go to the All Feeds page and select an ID from an existing feed.