सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर जनपद में पिछले 4-5 वर्षों से जारी असली अंग्रेजी शराब की बोतलों में मिलावट कर बाजार में बेचने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद में पिछले 4-5 वर्षों से जारी असली अंग्रेजी शराब की बोतलों में मिलावट कर बाजार में बेचने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। बांसी पुलिस, एसओजी, सर्विलांस सेल और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना सहित 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में नकली ढक्कन, बारकोड और मिलावटी शराब बरामद की है।
किराए के मकान को बना रखा था ‘नकली शराब का अड्डा’
एसपी डॉ. अभिषेक महाजन ने बताया कि गिरोह का मुख्य आरोपी बलराम जायसवाल बांसी के सुभाष नगर (कोइलहवा) में एक किराए का मकान लेकर यह अवैध कारोबार चला रहा था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से:
32,472 नकली ढक्कन,12,740 नकली बारकोड (सील रैपर),विभिन्न ब्रांडों की 16 बोतल मिश्रित अंग्रेजी शराब
एक इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन, ढक्कन खोलने के उपकरण और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
सरकारी शराब दुकान का मुंशी भी गिरफ्तार
जांच में सामने आया कि डुमरियागंज स्थित एक सरकारी अंग्रेजी शराब की दुकान का मुंशी प्रदीप कुमार भी इस फर्जीवाड़े में शामिल था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आबकारी विभाग ने संबंधित दुकान को सील कर उसका लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आरोपी सीलबंद बोतलों को बेहद सावधानी से खोलकर उसमें से कुछ मात्रा में असली शराब निकाल लेते थे। इसके बाद उसमें पानी, शक्कर व शराब का मिश्रण मिलाकर मात्रा पूरी कर दी जाती थी। फिर नकली ढक्कन और बारकोड लगाकर बोतल को दोबारा इस तरह सील किया जाता था कि वह बिल्कुल असली लगे। यह शराब सिद्धार्थनगर, आसपास के जिलों और नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों की दुकानों तक सप्लाई की जाती थी।
यदि यह गोरखधंधा पिछले 4-5 साल से चल रहा था, तो क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षकों की मासिक जांच और स्टॉक सत्यापन के दौरान यह गड़बड़ी पकड़ में क्यों नहीं आई? यह सवाल अब जांच के केंद्र में है।
पुलिस सप्लाई चेन की मुख्य कड़ियों को तलाशने में जुटी है। इस सफलता के लिए एसपी ने संयुक्त पुलिस टीम को 20,000 रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) August 6, 2026












