सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर जनपद के ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध मझौली सागर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाते हुए ‘रामसर वेटलैंड’ घोषित कराने की कवायद तेज हो गई है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद के ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध मझौली सागर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाते हुए ‘रामसर वेटलैंड’ घोषित कराने की कवायद तेज हो गई है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कविता शाह के निर्देशन में तैयार की गई ‘रामसर इनफॉरमेशन शीट’ सोमवार को जिलाधिकारी और प्रभागीय वन निदेशक को सौंपी गई।
यह महत्वपूर्ण रिपोर्ट वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर आशुतोष वर्मा तथा शोध छात्रा अनामिका सिंह व हर्षिता सिंह द्वारा तैयार की गई है। रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कहा कि विश्वविद्यालय और वन विभाग के इस संयुक्त वैज्ञानिक प्रयास से मझौली सागर की जैव विविधता का संरक्षण और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हो सकेगा।
वहीं डीएफओ नीला एम. ने कहा कि रामसर साइट का दर्जा मिलने से क्षेत्र में इको-टूरिज्म की असीम संभावनाएं बढ़ेंगी और पर्यटन विकास को पंख लगेंगे। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन व शोधकर्ताओं के प्रति आभार जताया। बैठक में सिंचाई, कृषि और मत्स्य विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) September 8, 2026












