सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर जनपद के डुमरियागंज थाना एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते विवादों में है। इस बार मामला जब्जुआ गांव निवासी एक गरीब बुजुर्ग कुटरु की मेहनत की कमाई हड़पने और पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर जबरन समझौता कराने से जुड़ा है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद के डुमरियागंज थाना एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते विवादों में है। इस बार मामला जब्जुआ गांव निवासी एक गरीब बुजुर्ग कुटरु की मेहनत की कमाई हड़पने और पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर जबरन समझौता कराने से जुड़ा है।
भैंस बेचकर दिए थे ₹40 हजार, वापस मांगने पर आनाकानी
पीड़ित कुटरु के अनुसार, उसने अपनी भैंस बेचकर जुटाए ₹40,000 पड़ोसी गांव के श्रीराम को एक महीने के लिए उधार दिए थे। तय समय बीत जाने के बाद भी जब श्रीराम ने पैसे लौटाने से मना कर दिया, तो पीड़ित न्याय की गुहार लेकर डुमरियागंज थाने पहुंचा।
सिपाहियों पर जबरन अंगूठा लगवाने और साठगांठ का आरोप
पीड़ित का गंभीर आरोप है कि थाने पर तैनात सिपाही आदित्य यादव और इकराम ने उसकी शिकायत पर उचित कार्रवाई करने के बजाय विपक्षी श्रीराम से साठगांठ कर ली। आरोप है कि दोनों सिपाहियों ने शिकायत पत्र पर ही पीड़ित का जबरन अंगूठा लगवाकर मामले में समझौता दर्शा दिया।
एसपी से शिकायत के बाद भी दोबारा दबाव बनाने का दावा
कुटरु ने बताया कि ₹40 हजार उसकी और उसकी पत्नी की जीवन भर की जमा पूंजी थी, जिससे वे एक छोटी सी दुकान चलाकर अपना जीवनयापन करते हैं। न्याय न मिलने पर पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन से शिकायत की। पीड़ित का आरोप है कि क्षेत्राधिकारी बृजेश वर्मा तक मामला पहुंचने के बाद भी संबंधित सिपाहियों ने उस पर दोबारा दबाव बनाकर जबरन अंगूठा लगवा लिया। पीड़ित ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उसके पैसे वापस दिलाए जाएं, अन्यथा वह मुख्यमंत्री से गुहार लगाएगा।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) August 29, 2026





















