मऊ

मऊ जनपद के संयुक्त वामपंथी दलों ने उत्तर प्रदेश में पुलिस और एलआईयू द्वारा वामपंथी नेताओं व कार्यकर्ताओं का निजी डेटा जुटाए जाने के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

मऊ जनपद के संयुक्त वामपंथी दलों ने उत्तर प्रदेश में पुलिस और एलआईयू द्वारा वामपंथी नेताओं व कार्यकर्ताओं का निजी डेटा जुटाए जाने के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया गया।

वामपंथी नेताओं का आरोप है कि प्रदेश के कई जिलों (गोरखपुर, अयोध्या, गाजीपुर, बस्ती आदि) में पुलिस थानों और व्हाट्सएप/फोन कॉल के जरिए कार्यकर्ताओं से संवेदनशील जानकारियां मांगी जा रही हैं। इनमें पहचान पत्र, बैंक खाता विवरण, पारिवारिक वंशावली, सोशल मीडिया प्रोफाइल और चल-अचल संपत्ति का ब्योरा शामिल है। आरोप है कि जानकारी न देने पर कार्रवाई की धमकी भी दी जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निजता के अधिकार का हनन बताया और उत्तर प्रदेश को ‘सर्विलांस स्टेट’ में बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने यह कार्रवाई तत्काल रोकने की मांग की। प्रदर्शन में अब्दुल अजीम खान, रामजी सिंह और शैलेंद्र रामनवल समेत कई कार्यकर्ता शामिल रहे।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) August 26, 2026





















