सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर जनपद में एक तरफ जहां सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए हर वर्ष करोड़ों पौधे लगाने का महाभियान चला रही है, वहीं दूसरी तरफ जिले में वन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे धड़ल्ले से हरे-भरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला रहे हैं।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद में एक तरफ जहां सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए हर वर्ष करोड़ों पौधे लगाने का महाभियान चला रही है, वहीं दूसरी तरफ जिले में वन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे धड़ल्ले से हरे-भरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला रहे हैं। ताजा मामला नौगढ़ वन रेंज अंतर्गत शोहरतगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत पिपरी मस्जिदिया से सामने आया है, जहां ग्राम समाज की भूमि पर लगे हरे आम के पेड़ों को अवैध रूप से काट दिया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत पिपरी मस्जिदिया स्थित बंजर भूमि पर फलदार और हरे-भरे आम के पेड़ खड़े थे। आरोप है कि वन माफियाओं ने दिनदहाड़े इन पेड़ों को काटकर ठिकाने लगा दिया। जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, तो माफियाओं ने विभागीय साठगांठ की धौंस दिखाकर उन्हें चुप कराने का प्रयास किया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले में हर महीने सैकड़ों हरे पेड़ अवैध रूप से काटे जा रहे हैं, लेकिन नौगढ़ रेंज की टीम लगातार चुप्पी साधे बैठी है। वन माफियाओं के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न होने से यह साफ जाहिर होता है कि पूरे खेल में विभागीय स्तर पर अनदेखी की जा रही है।
सरकार की मंशा पर फिर रहा पानी
पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए शासन स्तर पर हर वर्ष पौधारोपण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद धरातल पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की उदासीनता के चलते हरे-भरे वृक्षों का अवैध कटान रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि ग्राम समाज की भूमि पर हुए इस अवैध कटान के दोषियों और लापरवाह वन कर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
सिद्धार्थनगर जनपद में एक तरफ जहां सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए हर वर्ष करोड़ों पौधे लगाने का महाभियान चला रही है, वहीं दूसरी तरफ जिले में वन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे धड़ल्ले से हरे-भरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला रहे हैं। pic.twitter.com/ygpd2auMYF
— Voice of News 24 (@VOfnews24) August 17, 2026


















