औरैया
जनपद औरैया की तहसील बिधूना में अधिवक्ताओं, पदाधिकारियों और स्टाम्प विक्रेताओं की सुरक्षा व सम्मान को लेकर सोमवार को तहसील बार एसोसिएशन की एक आपात और महत्वपूर्ण आम सभा का आयोजन किया गया। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

जनपद औरैया की तहसील बिधूना में अधिवक्ताओं, पदाधिकारियों और स्टाम्प विक्रेताओं की सुरक्षा व सम्मान को लेकर सोमवार को तहसील बार एसोसिएशन की एक आपात और महत्वपूर्ण आम सभा का आयोजन किया गया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कार्यकारिणी ने कड़ा रुख अपनाते हुए अमर्यादित आचरण करने वाले अनिल कुमार उर्फ जीतू चौहान के खिलाफ सर्वसम्मति से पूर्ण बहिष्कार का ऐतिहासिक निर्णय पारित किया है।
सहयोगियों और पदाधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार का मामला
जानकारी के अनुसार, तहसील बार एसोसिएशन परिसर में आयोजित इस आम सभा का कुशल संचालन महामंत्री अतुल तिवारी द्वारा किया गया। सभा में पूर्व निर्धारित मुख्य एजेंडे के तहत अनिल कुमार उर्फ जीतू चौहान द्वारा बार कार्यकारिणी के संयुक्त मंत्री (प्रकाशन) नीरज कठेरिया एडवोकेट, संतोष तिवारी एडवोकेट, स्टाम्प विक्रेता नागेंद्र त्रिवेदी एवं श्रीमती प्रेमा देवी पोरवाल के साथ की गई कथित गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार तथा अमर्यादित आचरण के मामले को रखा गया। इस घटना को लेकर सभी पदाधिकारियों और सदस्यों में भारी आक्रोश देखने को मिला, जिस पर सभा में बिंदुवार विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव और कड़े निर्णय
घंटों चली विस्तृत चर्चा के उपरांत अधिवक्ताओं और कर्मियों की गरिमा को सर्वोपरि रखते हुए आम सभा ने एक मत से निम्नलिखित कड़े निर्णय पारित किए—
बैठने पर पूर्ण प्रतिबंध: आरोपी अनिल कुमार उर्फ जीतू चौहान को अब बिधूना तहसील परिसर के भीतर किसी भी स्थान पर बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बस्ता लिया जाएगा सुपुर्दगी में: आरोपी का बस्ता तत्काल प्रभाव से तहसील बार एसोसिएशन अपनी सुपुर्दगी (कब्जे) में लेगी।
आश्रय देने पर रोक: बार एसोसिएशन के किसी भी सदस्य या अन्य अधिवक्ता को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वे अनिल कुमार उर्फ जीतू चौहान को अपने बस्ते, चेंबर या बैठने के स्थान पर किसी भी प्रकार का आश्रय या बैठने की अनुमति नहीं देंगे।
अनुशासन और गरिमा बनाए रखने की प्रतिबद्धता
प्रस्ताव पारित होने के बाद तहसील बार एसोसिएशन बिधूना के महामंत्री अतुल कुमार तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कठोर निर्णय केवल व्यक्तिगत विरोध नहीं, बल्कि समस्त अधिवक्ताओं एवं स्टाम्प विक्रेताओं की गरिमा, सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि तहसील परिसर में किसी भी प्रकार का अनुशासनहीन और अमर्यादित आचरण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यहाँ का सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना बार की पहली प्राथमिकता है।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 20, 2026













