सोनौली
महराजगंज जनपद के आदर्श नगर पंचायत सोनौली कार्यालय में बुधवार दोपहर उस समय प्रशासनिक और राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गईं।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के आदर्श नगर पंचायत सोनौली कार्यालय में बुधवार दोपहर उस समय प्रशासनिक और राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गईं, जब उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मनोनीत तीन सभासदों ने विकास कार्यों की अनदेखी को लेकर कार्यालय में जमकर हंगामा काटा। मनोनीत सभासद रवि वर्मा, प्रेम जायसवाल और हरिनारायण लोधी ने एक सुर में नगर पंचायत प्रशासन और वरिष्ठ लिपिक पर तानाशाही रवैया अपनाने तथा उनके द्वारा दिए गए जनहित के प्रस्तावों को ठंडे बस्ते में डालने का गंभीर आरोप लगाया।
कार्यालय पहुंचे तीनों मनोनीत सभासदों ने वरिष्ठ लिपिक संजय श्रीवास्तव को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्होंने काफी समय पहले नगर की बदहाल सड़कों और चोक पड़ी नालियों के निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण विकास प्रस्ताव लिखित रूप में सौंपे थे। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी उन पर धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सभासदों ने नगर पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन बिना किसी सार्वजनिक या नियमानुसार सूचना के, बंद कमरों में चुनिंदा सभासदों के साथ गुपचुप तरीके से बैठकें कर रहा है। वहीं, सरकार द्वारा मनोनीत सभासदों को हर महत्वपूर्ण फैसले और योजनाओं से पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है, जो कि लोकतंत्र और नियमों के खिलाफ है।
मनोनीत सभासदों का गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ; उन्होंने नगर पंचायत के राजस्व से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय यानी ‘टैक्सी स्टैंड की नीलामी’ को लेकर भी प्रशासन को घेरा। सभासदों का आरोप है कि इतनी बड़ी वित्तीय नीलामी की उन्हें कोई भनक तक नहीं लगने दी गई। इस गोपनीयता को लेकर उन्होंने टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बड़े सवाल उठाए। करीब एक घंटे तक चले इस हंगामे और तीखी नोकझोंक के कारण कार्यालय परिसर छावनी जैसा नजर आने लगा और वहां मौजूद फरियादियों व स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
बढ़ते विरोध और हंगामे को देखते हुए नगर पंचायत के वरिष्ठ लिपिक संजय श्रीवास्तव ने मोर्चा संभाला। उन्होंने आक्रोशित सभासदों को शांत कराते हुए आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दिए गए सभी विकास प्रस्तावों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
वरिष्ठ लिपिक ने सभासदों को भरोसा दिलाया कि आगामी दो दिनों के भीतर संबंधित वार्डों और स्थलों का तकनीकी टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा और जल्द से जल्द आवश्यक विकास कार्यों की टेंडर प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी।
लिपिक के इस लिखित/मौखिक आश्वासन के बाद ही सभासदों का गुस्सा शांत हुआ। अब देखना यह होगा कि नगर पंचायत प्रशासन अपने इस दो दिन के वादे पर कितना खरा उतरता है, या फिर आने वाले दिनों में मनोनीत सभासदों का यह विरोध प्रदर्शन और उग्र रूप अख्तियार करेगा।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 15, 2026












