सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर जनपद में अवैध और संदिग्ध दवाओं के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद में अवैध और संदिग्ध दवाओं के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी के सख्त निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने बुधवार को जिले के दो अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की है। इस औचक कार्रवाई के दौरान संदिग्ध दवाओं के नमूने सीज कर जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजे गए हैं, साथ ही दोनों ही प्रतिष्ठानों पर दवाओं की खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए एक मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति भी उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
एसएसबी के सहयोग से अलीगढ़वा बाजार में छापा
जिलाधिकारी के निर्देश के अनुपालन में औषधि निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने सशस्त्र सीमा बल (SSB) अलीगढ़वा के जवानों के सहयोग से अलीगढ़वा बाजार स्थित ‘मैसर्स डॉक्टर खान मेडिकल स्टोर’ पर औचक छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान भारी खामियां पाए जाने पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की धारा 22(1)(d) के अंतर्गत मेडिकल स्टोर पर दवाओं की खरीद-बिक्री को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक कपिलवस्तु को भी लिखित सूचना देकर मौके पर बिक्री पर रोक सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। टीम ने यहाँ से दो संदिग्ध औषधियों के नमूने संग्रहित किए हैं।
बढ़नी में ‘मैसर्स शशी फार्म’ का लाइसेंस होगा निरस्त!
इसी क्रम में औषधि विभाग की टीम ने बर्डपुर क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड नंबर-03, लोहिया नगर (बढ़नी) में स्थित ‘मैसर्स शशी फार्म’ पर भी ताबड़तोड़ औचक छापेमारी की। टीम ने यहाँ से तीन संदिग्ध दवाओं के सैंपल लेकर राजकीय प्रयोगशाला भेजे। इसके साथ ही औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की धारा 22(1)(d) के तहत इस प्रतिष्ठान पर भी दवाओं के क्रय-विक्रय पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
औषधि निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मैसर्स शशी फार्म के विरुद्ध बेहद सख्त रुख अपनाते हुए उसका लाइसेंस निरस्त (Cancel) किए जाने की संस्तुति सहायक आयुक्त (औषधि), बस्ती मंडल को आधिकारिक तौर पर भेज दी गई है।
जांच रिपोर्ट के बाद दर्ज होगा मुकदमा
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, दोनों ही मेडिकल स्टोरों से सीज की गई संदिग्ध दवाओं के सैंपल राजकीय प्रयोगशाला भेजे जा चुके हैं। लैब से औषधियों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद अधिनियम के कड़े प्रावधानों के अनुसार संबंधितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की दंडात्मक विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। औषधि विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद से जिले के दवा विक्रेताओं और बिना मान्यता के दुकान चलाने वाले सिंडिकेट में हड़कंप मचा हुआ है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों के सम्मान और स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ बुधवार को सिसवा विधानसभा के तहसील निचलौल सभागार में भव्य रूप से संपन्न हुआ। pic.twitter.com/BqDFpiDB03
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 9, 2026













