बुलंदशहर
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा कर चुके भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुरेश राणा को भारतीय जनता पार्टी, उत्तर प्रदेश का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर क्षेत्र में हर्ष की लहर है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद और आस-पास के मरीजों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आ रही है। जनपद के माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध संयुक्त जिला चिकित्सालय की ओपीडी संचालन व्यवस्था में अस्पताल प्रशासन द्वारा एक बड़ा और व्यापक बदलाव किया गया है। मरीजों को बेहतर, सुव्यवस्थित, समयबद्ध और उच्च गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कॉलेज के प्राचार्य ने नई समय सारणी लागू करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।
अब सुबह 8 से शाम 4 बजे तक संचालित होंगी सभी ओपीडी सेवाएं
प्राचार्य द्वारा जारी नवीन दिशा-निर्देशों के अनुसार, अस्पताल की समस्त ओपीडी सेवाएं अब प्रतिदिन सुबह 8:00 बजे से लेकर निरंतर शाम 4:00 बजे तक संचालित की जाएंगी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह से जनहित और दूर-दराज से आने वाले गरीब मरीजों की सुख-सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि कोई भी मरीज बिना इलाज के वापस न लौटे और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
रजिस्ट्रेशन काउंटर की टाइमिंग भी बदली; दोपहर 3 बजे तक ही बनेगा पर्चा
मरीजों के लिए जरूरी गाइडलाइन: नई व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए पर्चा (रजिस्ट्रेशन) काउंटर के समय में भी आंशिक संशोधन किया गया है:
काउंटर टाइमिंग: मरीजों के पंजीकरण के लिए संचालित सभी रजिस्ट्रेशन काउंटर अब सुबह 8:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक ही खुले रहेंगे।
3 बजे के बाद नो एंट्री: दोपहर 3:00 बजे के बाद नए मरीजों का पंजीकरण (पर्चा बनाना) पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा।
इलाज की गारंटी: हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने साफ किया है कि जिन मरीजों का पंजीकरण दोपहर 3:00 बजे से पहले हो चुका होगा, उन्हें ओपीडी के निर्धारित समय (शाम 4:00 बजे) तक डॉक्टरों द्वारा अनिवार्य रूप से परामर्श और उपचार दिया जाएगा।
लापरवाही पर नपेंगे डॉक्टर और स्टाफ, प्राचार्य के सख्त निर्देश
इस नई व्यवस्था को कड़ाई से लागू कराने के लिए प्राचार्य ने मेडिकल कॉलेज के सभी विभागाध्यक्षों (HODs), वरिष्ठ चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और कर्मचारियों को कड़े लहजे में हिदायत दी है। उन्होंने निर्देशित किया है कि ओपीडी के विस्तारित समय के दौरान मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा या लंबी लाइनों का सामना न करना पड़े।
मरीजों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी होगी। आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि इस नई व्यवस्था के अनुपालन में यदि किसी भी स्तर पर शिथिलता, लापरवाही या ड्यूटी से नदारद रहने की उदासीनता पाई गई, तो संबंधित डॉक्टर या कर्मचारी के खिलाफ तत्काल कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
दूरदराज के ग्रामीणों और मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, ओपीडी का समय शाम 4:00 बजे तक होने से अब चिकित्सकों को मरीजों के परीक्षण के लिए अधिक समय मिल सकेगा, जिससे इलाज की गुणवत्ता सुधरेगी। इससे सबसे ज्यादा लाभ सिद्धार्थनगर के सुदूर ग्रामीण अंचलों और पड़ोसी क्षेत्रों से आने वाले उन मरीजों को होगा, जो सुबह देर से अस्पताल पहुंच पाते थे और समय की कमी के कारण बिना डॉक्टर को दिखाए लौटने पर मजबूर होते थे।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) June 25, 2026













