महराजगंज: लखनऊ अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन; 32 संस्थानों की जांच, 15 को नोटिस, 3 सील

महराजगंज

महराजगंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद महराजगंज जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद महराजगंज जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। विद्यार्थियों, मरीजों और आम नागरिकों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए जिलाधिकारी (डीएम) गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक (एसपी) शक्ति मोहन अवस्थी के कड़े निर्देशन में बुधवार और बृहस्पतिवार को पूरे जिले में एक विशेष सुरक्षा महाअभियान चलाया गया। इस दो दिवसीय ताबड़तोड़ कार्रवाई से नियम विरुद्ध चल रहे संस्थान संचालकों में हड़कंप मच गया है।

संयुक्त टीमों ने खंगाले कोचिंग, अस्पताल और लाइब्रेरी

प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश पर राजस्व, पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्थानीय निकायों की संयुक्त टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने जिले के नौतनवा, फरेंदा, सदर और निचलौल सहित विभिन्न तहसीलों व कस्बों में संचालित कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरियों, कंप्यूटर सेंटरों, निजी अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा।

32 संस्थानों की हुई जांच, भारी अनियमितता पर 3 सील

इस महाअभियान के दौरान जिले भर में कुल 32 बड़े संस्थानों की सघन जांच की गई। निरीक्षण में अधिकांश स्थानों पर अग्नि सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ती मिलीं। सुरक्षा पुख्ता न होने और कमियां पाए जाने पर जांच टीम ने 15 संस्थानों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं, सुरक्षा मानकों को पूरी तरह ताक पर रखकर संचालित किए जा रहे 3 संस्थानों में गंभीर अनियमितता मिलने पर उन्हें मौके पर ही तत्काल प्रभाव से सील (बंद) कर दिया गया।

इन मानकों की हुई कड़ाई से जांच

परिसरों में अग्निशमन यंत्रों (फायर सिलेंडर) की उपलब्धता और उनकी वैलिडिटी।

आपातकालीन निकास मार्ग (फायर एग्जिट विंडो व गेट) की स्थिति।

बिजली की वायरिंग और वेंटिलेशन (हवा और रोशनी) की व्यवस्था।

भवनों की तकनीकी सुरक्षा और फायर एनओसी (NOC)।

जांच के दौरान कई नामी संस्थानों में भी फायर सेफ्टी उपकरणों का अभाव मिला, तो कहीं आपातकालीन निकास द्वारों को बंद या अवरुद्ध पाया गया। इसके अलावा बिजली के तार भी बेहद असुरक्षित ढंग से लटकते मिले।

लापरवाही पर होगी जेल, अभियान रहेगा जारी: प्रशासन
प्रशासनिक अधिकारियों ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि लखनऊ की दुखद घटना से सबक लेते हुए जिले में सुरक्षा मानकों को लेकर रत्ती भर भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छात्र-छात्राओं और मरीजों की जान की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नोटिस पाने वाले संस्थानों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर सभी खामियां दुरुस्त करने की मोहलत दी गई है, ऐसा न करने पर उनके लाइसेंस निरस्त कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

 

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