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संभल/ बबराला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार की सुबह बबराला का भागीरथी मार्ग स्थित योग पार्क स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा के अद्भुत संगम का गवाह बना। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

संभल/ बबराला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार की सुबह बबराला का भागीरथी मार्ग स्थित योग पार्क स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा के अद्भुत संगम का गवाह बना। नगर पंचायत बबराला एवं पतंजलि योगपीठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विशाल सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में हजारों लोगों की सहभागिता ने इसे जिले के सबसे बड़े योग आयोजनों में शामिल कर दिया। महिला-पुरुष, युवा, बुजुर्ग और बच्चों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ, संतुलित और तनावमुक्त जीवन जीने का संकल्प लिया।

सुबह पांच बजे से ही योग पार्क में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। कुछ ही देर में पूरा पार्क योग साधकों से खचाखच भर गया। सफेद परिधानों में बैठे हजारों लोगों का एक साथ योग करना आकर्षण का केंद्र बना रहा। पूरा वातावरण “करें योग, रहें निरोग” और “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” के नारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने योग को केवल एक दिवस का आयोजन न मानकर इसे अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संकल्प भी लिया।
इस भव्य आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, आर्य समाज, गायत्री परिवार, बबराला गंगा, वाष्र्णेय महिला उत्थान समिति समेत विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। योगाचार्य सतीश के निर्देशन में योग सत्र की शुरुआत सूक्ष्म व्यायाम और शरीर को सक्रिय करने वाले अभ्यासों से हुई। इसके बाद प्रतिभागियों को ताड़ासन, अर्धचक्रासन, भुजंगासन, शलभासन, मकरासन, पवनमुक्तासन, वज्रासन, उष्ट्रासन, पश्चिमोत्तानासन, मंडूकासन और शवासन सहित विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया गया।
हजारों योग साधकों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ प्रत्येक आसन का अभ्यास किया। सामूहिक योगाभ्यास के दौरान एक अलग ही ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला। लोगों ने माना कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि मन को भी शांत और स्थिर बनाता है। योग के माध्यम से व्यक्ति स्वयं को तनाव, चिंता और अनेक बीमारियों से दूर रख सकता है।
योग सत्र के दौरान कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका और भ्रामरी जैसे प्राणायाम भी कराए गए। ध्यान और मेडिटेशन के माध्यम से मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और एकाग्रता का संदेश दिया गया। योग प्रशिक्षकों ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव और भागदौड़ के बीच योग एक ऐसी जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाती है। नियमित योगाभ्यास से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और जीवन में संतुलन आता है।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि भारत की प्राचीन योग परंपरा आज पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रही है। योग ने विश्व स्तर पर भारत की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई प्रदान की है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उद्देश्य केवल योग करना नहीं, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना और निरोग समाज की स्थापना करना है।
इस अवसर पर पतंजलि योगपीठ के प्रदेश प्रभारी दयाशंकर आर्य, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अरुण कांत, नगर पंचायत चेयरमैन हर्ष वर्धन वाष्र्णेय, अधिशासी अधिकारी अमरेश तिवारी, तिलक मुनि आर्य, रामवीर शास्त्री, डॉ. राहुल यादव, अनिल गुप्ता, योगेंद्र यादव, कविता वाष्र्णेय, सुनीता, माया देवी, राधा अग्रवाल सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, योग साधक तथा नगर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित, मानव कल्याण और विश्व शांति की कामना के साथ किया गया। बबराला में आयोजित यह योग महोत्सव लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गया। हजारों लोगों की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि यदि योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाए तो स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।
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