अनूपशहर
बुलंदशहर जनपद के डिबाई क्षेत्र में वर्ष2019 में घर में अकेली रह रही एक बुजुर्ग महिला का मुंह ठूंसकर और गला दबाकर बेरहमी से मर्डर करने वाले चार शातिर अपराधियों को माननीय न्यायालय ने उनके पापों की अंतिम सजा सुना दी है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद के डिबाई क्षेत्र में वर्ष2019 में घर में अकेली रह रही एक बुजुर्ग महिला का मुंह ठूंसकर और गला दबाकर बेरहमी से मर्डर करने वाले चार शातिर अपराधियों को माननीय न्यायालय ने उनके पापों की अंतिम सजा सुना दी है। अनूपशहर स्थित एडीजे कोर्ट (ADJ Court) ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर चारों आरोपियों को दोषी पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास ) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने प्रत्येक दोषी पर १ लाख १० हजार रुपये का भारी आर्थिक दंड (जुर्माना) भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर दोषियों को अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
जमीन के सौदे की रकम के लालच में की गई थी वारदात; 7 साल बाद मृतका अकीला के परिवार को मिला न्याय
क्या था पूरा मामला?2019 में डिबाई में हुई थी सनसनीखेज वारदात
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (ADGC) प्रवेन्द्र सिंह लोधी ने मुकदमे के विवरण और घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया:
तहरीर और घटना
12 मार्च 2019 को डिबाई कोतवाली में परवेज अली खान (निवासी मोहम्मदपुर खुर्द, थाना छतारी) ने एक लिखित तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था।
हत्या की सूचना: तहरीर के मुताबिक, उनकी फूफी अकीला (पत्नी आबिद), निवासी दौलतपुर (डिबाई), काफी वृद्ध थीं और घर में पूरी तरह अकेली रहती थीं। १२ मार्च को गांव के ही एक व्यक्ति फहीम ने फोन पर सूचना दी कि उनकी फूफी की किसी ने हत्या कर दी है।
परिजनों ने जब मौके पर पहुंचकर देखा, तो अकीला का शव घर के अंदर लहूलुहान और क्षत-विक्षत स्थिति में पड़ा था। हत्यारों ने बेहद क्रूरता दिखाते हुए वृद्धा के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था और गला दबाकर उन्हें हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया था।
जमीन बेचने के रुपए लूटने के अंदेशे में बदमाशों ने बोला था धावा
पुलिस और कोर्ट की तफ्तीश में यह बात खुलकर सामने आई कि अकीला उन दिनों अपनी किसी जमीन को बेचने का सौदा कर रही थीं। चारों शातिर बदमाशों को यह भनक लग गई थी कि वृद्धा के घर में जमीन की मोटी रकम या एडवांस रुपए रखे हुए हैं। इसी बड़ी रकम को लूटने की नीयत से बदमाशों ने आधी रात को घर में धावा बोला था, लेकिन पकड़े जाने के डर और लूट का विरोध करने पर उन्होंने अकीला की बेरहमी से हत्या कर दी थी।
डिबाई पुलिस ने घटना के बाद गहन छानबीन करते हुए सर्विलांस और मुखबिर की मदद से चार हत्यारों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने इनके खिलाफ कोर्ट में मजबूत चार्जशीट दाखिल की थी।
इन चार हत्यारों को कोर्ट ने भेजा ताउम्र जेल
एडीजे राजेश कुमार (तृतीय) ने पत्रावली पर उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और अभियोजन पक्ष की अकाट्य दलीलों को सुनने के बाद चारों आरोपियों को हत्या और लूट की साजिश का दोषी करार देते हुए सजा मुकर्रर की:
१. आमिर उर्फ हब्बा (निवासी दौलतपुर खुर्द, डिबाई)
२. आमिर (निवासी दौलतपुर खुर्द, डिबाई)
३. अकरम (निवासी दौलतपुर खुर्द, डिबाई)
४. विवेक (निवासी नंगला किडडा, डिबाई)
न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस अभिरक्षा में चारों दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच कलेक्ट्रेट से सीधे जिला कारागार (जेल) भेज दिया गया है।
शासकीय अधिवक्ता का बयान:
यह समाज में अकेले रह रहे बुजुर्गों की सुरक्षा और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करने के लिहाज से एक नजीर बनने वाला फैसला है। अभियोजन पक्ष ने माननीय कोर्ट के सामने सभी पुख्ता साक्ष्य रखे, जिसके चलते साक्ष्यों के अभाव में अपराधी बच नहीं सके। मृतका के परिवार को7 साल बाद आखिरकार सच्चा न्याय मिला है।
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