महराजगंज
महराजगंज जनता की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण को लेकर महराजगंज जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनता की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण को लेकर महराजगंज जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। शनिवार (6 जून 2026) को तहसील सदर सभागार में जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी की संयुक्त अध्यक्षता में ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। इस दौरान शिकायतों के निस्तारण में हीलाहवाली करने और कागजी खानापूर्ति करने वाले मातहतों पर जिलाधिकारी का चाबुक चला। डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए 2 कानूनगो और 2 लेखपालों के खिलाफ तत्काल स्पष्टीकरण (कारण बताओ नोटिस) जारी करने का निर्देश दिया, जिससे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
क्रासर: कुल 45 मामलों में से 04 का मौके पर हुआ फैसला; असंतुष्ट फरियादियों की शिकायत पर डीएम सख्त, मांगा जवाब
समाधान दिवस में दर्ज हुए 45 मामले, राजस्व और पुलिस की रही भरमार
शनिवार को आयोजित इस समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 45 मामले सुनवाई के लिए पटल पर आए। जिला मुखिया ने एक-एक कर फरियादियों की समस्याओं को बेहद संजीदगी से सुना।
सुनवाई के दौरान 04 गंभीर प्रकरणों का मौके पर ही दोनों पक्षों की मौजूदगी में निस्तारण करा दिया गया। दर्ज हुए कुल मामलों का विभागीय विवरण इस प्रकार है।
राजस्व विभाग: 22 मामले (भूमि विवाद, पैमाइश व अवैध कब्जे)
पुलिस विभाग: 13 मामले
विकास विभाग: 02 मामले
अन्य विभाग: शेष शिकायतें अन्य विभागों से संबद्ध रहीं।
भूमि विवाद और पैमाइश से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जमीनी विवादों में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर जाकर त्वरित और निष्पक्ष कार्यवाही करे।
लापरवाही बरतने पर 02 कानूनगो और 02 लेखपालों को नोटिस थमाते हुए डीएम ने सख्त लहजे में चेतावनी दी
तहसील स्तर पर तैनात कानूनगो और लेखपाल अपनी आख्याओं में अस्पष्ट, भ्रामक या गलत रिपोर्ट प्रस्तुत करने की आदत से बाज आएं। यदि किसी भी स्तर पर शिकायतों को लटकाने या गलत रिपोर्ट लगाकर फाइल बंद करने का मामला सामने आया, तो सीधे निलंबन और कठोर विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान मुख्यमंत्री और शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
रैंडम फीडबैक में खुली पोल; 04 शिकायतकर्ताओं के असंतोष पर भड़के डीएम
समाधान दिवस को केवल औपचारिक न रखते हुए जिलाधिकारी ने पिछले सत्रों में निस्तारित की जा चुकी कुछ शिकायतों पर जिलास्तरीय अधिकारियों के माध्यम से यादृच्छिक आधार पर सीधे फरियादियों से फीडबैक लिया। इस क्रॉस-वेरिफिकेशन में 04 शिकायतकर्ताओं ने अधिकारियों की रिपोर्ट पर गहरा असंतोष व्यक्त किया और बताया कि उनकी समस्या जस की तस है। इस गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए डीएम ने उन सभी संबंधित उत्तरदायी मामलों में भी तत्काल स्पष्टीकरण तलब करने के कड़े निर्देश जारी किए।
IGRS डिफ़ॉल्टर्स पर नजर, 75% संतुष्टि प्रतिशत लाने का लक्ष्य
डीएम ने एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) और मुख्यमंत्री पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि आईजीआरएस की शिकायतों का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यप्रणाली में सुधार करते हुए जनता की संतुष्टि के प्रतिशत को न्यूनतम 75% तक लाने का कड़ा लक्ष्य दिया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.एन. प्रसाद, एसडीएम सदर जितेंद्र कुमार, तहसीलदार सदर पंकज शाही, जिला विकास अधिकारी बी.एन. कन्नौजिया सहित राजस्व, पुलिस और विकास विभाग के तमाम जिला व तहसील स्तरीय अधिकारी मुस्तैद रहे।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) June 6, 2026













