महराजगंज: बैजनाथपुर में नहर के गुल पटने से सिंचाई संकट, खेतों तक नहीं पहुंच रहा पानी; DM के नाम सौंपा ज्ञापन

महराजगंज

महराजगंज जनपद के ग्राम बैजनाथपुर उर्फ चरका में इन दिनों किसानों को सिंचाई की बेहद गंभीर और विकट समस्या का सामना करना पड़ रहा है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

_

महराजगंज जनपद के ग्राम बैजनाथपुर उर्फ चरका में इन दिनों किसानों को सिंचाई की बेहद गंभीर और विकट समस्या का सामना करना पड़ रहा है। रोहिणी बैराज से निकली नहर के गुल (सिंचाई नाली) पूरी तरह से मिट्टी और मलबे से पट जाने के कारण टेल पर स्थित खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इस ज्वलंत समस्या को लेकर पत्रकार एवं जिला पंचायत प्रत्याशी युनुस खान के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी (DM) महराजगंज को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

नहर में पानी होने के बावजूद प्यासे हैं किसानों के खेत

सौंपे गए ज्ञापन में बिंदुवार तरीके से बताया गया है कि गांव के उत्तर और दक्षिण सिवान में स्थित मुख्य नहर के दोनों गुल पूरी तरह से बंद और अवरुद्ध हो चुके हैं। विडंबना यह है कि रोहिणी बैराज से मुख्य नहर में तो पर्याप्त पानी छोड़ा जा रहा है, लेकिन गुलों के जाम होने के कारण वह पानी खेतों की तरफ मुड़ने के बजाय बेकार बह रहा है। इससे पूरे क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है और खरीफ की फसलों की बुवाई व खेती-किसानी पर इसका बेहद नकारात्मक असर पड़ रहा है।

अधिकारियों की उदासीनता से अन्नदाताओं में भारी निराशा

पत्रकार युनुस खान ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह समस्या कोई नई नहीं है। इस तकनीकी खराबी और लापरवाही के संबंध में ग्रामीणों और किसान संगठनों द्वारा कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों व अभियंताओं को लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है।

लेकिन, शासन-प्रशासन की उदासीनता का आलम यह है कि अब तक इस दिशा में कोई भी प्रभावी या धरातलीय कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों के इसी ढुलमुल रवैए के कारण अन्नदाताओं में गहरा आक्रोश और निराशा व्याप्त है।

अगर जिला प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप करके दोनों मुख्य गुलों की पोकलैंड या जेसीबी मशीनों से सफाई नहीं कराई, तो खेतों में खड़ी फसलें सूखकर बर्बाद हो जाएंगी। इससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ेगी और वे कर्ज के दलदल में डूब जाएंगे। प्रशासन को हमारी मांग पर तत्काल एक्शन लेना चाहिए।

उपजिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों को मौके पर भेजकर जल्द ही गुलों की सफाई का कार्य शुरू कराया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान क्षेत्र के दर्जनों प्रगतिशील किसान, सम्मानित नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता मुख्य रूप से मौजूद रहे। अब देखना यह है कि कागजी आश्वासनों के बाद धरातल पर पानी कब तक पहुंचता है।

 

Voice Of News 24