गोरखपुर
गोरखपुर जनपद के महायोगी गोरखनाथ की धरती और पूर्वी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्र गीडा'(गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के लिए आज का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

गोरखपुर जनपद के महायोगी गोरखनाथ की धरती और पूर्वी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्र ‘=गीडा'(गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के लिए आज का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज बुधवार को गोरखपुर में प्रदेश की दूसरी फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्पलेक्स का भव्य लोकार्पण करेंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर को एक नई रफ्तार मिलेगी।
इस ऐतिहासिक अवसर पर सीएम योगी गीडा औद्योगिक क्षेत्र के श्रमिकों के लिए बने एलआईजी-ईडब्ल्यूएस (LIG-EWS) आवासीय परिसर का उद्घाटन भी करेंगे। साथ ही, वे जिले को करीब 208 करोड़ रुपये के 71 विकास कार्यों की बड़ी सौगात देंगे।
क्या है ‘प्लग एंड प्ले’ मॉडल? कैसे बदलेगी उद्योगों की तस्वीर?
लघु एवं मध्यम उद्यम को बढ़ावा देने के लिए गीडा के औद्योगिक सेक्टर-13 में 42.50 करोड़ रुपये की लागत से इस अत्याधुनिक फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया गया है। यह उत्तर प्रदेश में अपनी तरह का दूसरा कॉम्प्लेक्स है (पहला कानपुर में संचालित है)।
एरिया और क्षमता: गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) अनुज मलिक के अनुसार, यह कॉम्प्लेक्स 10,860 वर्गमीटर (2.68 एकड़) क्षेत्रफल में फैला है।
इंडस्ट्रियल ब्लॉक (G+3): इसमें कुल 80 इकाइयां (यूनिट्स) बनाई गई हैं, जिनमें प्रति इकाई का क्षेत्रफल 97.51 वर्गमीटर है। यहाँ उद्योग ‘प्लग एंड प्ले’ मॉडल पर चलेंगे, यानी बिजली-पानी से लेकर हर बुनियादी सुविधा पहले से फिट है; उद्यमी आएं और सीधे काम शुरू करें।
एमिनिटी / यूटिलिटी ब्लॉक (G+1): इसमें 42 इकाइयां हैं (प्रति यूनिट 20.89 वर्गमीटर), जहाँ बैंक, गोदाम, एटीएम और सेल्स शोरूम जैसी व्यावसायिक सुविधाएं मिलेंगी।
1000 लोगों को मिलेगा सीधा रोजगार
इस फ्लैटेड फैक्ट्री से प्रत्यक्ष रूप से करीब 1,000 युवाओं को रोजगार मिलेगा। यहाँ मुख्य रूप से प्रदूषण रहित रेडीमेड गारमेंट, आईटी और फार्मा सेक्टर जैसी आधुनिक इकाइयों को प्राथमिकता दी जाएगी।
श्रमिकों का अपना घर: 96 फ्लैट्स वाले आवासीय परिसर का उद्घाटन
फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स के साथ ही मुख्यमंत्री गीडा की इकाइयों में दिन-रात पसीना बहाने वाले श्रमिकों को बड़ी सौगात देंगे। सेक्टर-11 (ग्राम-कालेसर) में गीडा ने अपने संसाधनों से 18 करोड़ 54 लाख रुपये की लागत से 96 फ्लैट्स का निर्माण कराया है।
सब्सिडी की भारी छूट: इस परियोजना में सरकार की तरफ से 11 करोड़ 2 लाख रुपये की भारी सब्सिडी दी गई है।
किफायती दरें: सब्सिडी के बाद ईडब्ल्यूएस (EWS) भवन की अनुमानित कीमत मात्र ₹5,13,000 और एलआईजी LIG भवन की कीमत ₹10,53,000 तय की गई है।
लॉटरी से आवंटन
तीन टॉवरों (G+3) के जरिए ईडब्ल्यूएस के 48 और एलआईजी के 48 फ्लैट्स तैयार कर पूरी तरह पारदर्शी ‘ई-लॉटरी’ के माध्यम से कार्यरत श्रमिकों को आवंटित किए जा चुके हैं। परिसर के पास पार्क, कम्युनिटी सेंटर और कमर्शियल हब जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती: 208 करोड़ के 71 विकास कार्यों की बौछार
गोरखपुर के औद्योगिक विकास को चौतरफा रफ्तार देने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ गीडा के विभिन्न सेक्टर्स में 207.96 करोड़ रुपये की लागत वाले कुल 71 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।
इन विकास कार्यों में मुख्य रूप से शामिल हैं:
आधुनिक सड़कों और नालियों का जाल।
सुदृढ़ बिजली आपूर्ति व्यवस्था और पुलिया निर्माण।
पर्यावरण संरक्षण के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) और अत्याधुनिक सीवरेज नेटवर्क।
हाल के वर्षों में गोरखपुर गीडा में बड़ी औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के बाद अब फ्लैटेड फैक्ट्री के जरिए एमएसएमई (MSME) सेक्टर की एक नई कतार खड़ी होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री का यह कदम न केवल पूर्वांचल से पलायन रोकेगा, बल्कि गोरखपुर को देश के नए ‘इंडस्ट्रियल हब’ के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा।
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