बुलंदशहर: खुर्जा में मौत बनकर दौड़ा तेज रफ्तार ट्रक, सोते हुए दो परिवारों के मकान में घुसा; बाल-बाल बचे 17 लोग

खुर्जा

बुलंदशहर जनपद के खुर्जा क्षेत्र में अलसुबह एक बेहद खौफनाक और बड़ा हादसा होने से टल गया। यहाँ एक बेकाबू और तेज रफ्तार भारी-भरकम ट्रक अनियंत्रित होकर सीधे एक रिहायशी मकान की दीवारें तोड़ते हुए अंदर जा घुसा।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद के खुर्जा क्षेत्र में अलसुबह एक बेहद खौफनाक और बड़ा हादसा होने से टल गया। यहाँ एक बेकाबू और तेज रफ्तार भारी-भरकम ट्रक अनियंत्रित होकर सीधे एक रिहायशी मकान की दीवारें तोड़ते हुए अंदर जा घुसा। टक्कर इतनी भीषण थी कि जोरदार धमाके के साथ मकान का अगला हिस्सा ढह गया और परिसर में खड़ी तीन कारें मलबे में दबकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत यह रही कि इस भयानक तबाही के बीच घर में सो रहे दो परिवारों के सभी 17 सदस्यों की जान बाल-बाल बच गई।

सुबह 3:50 बजे आया ‘भूकंप’ जैसा झटका

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह रूह कंपा देने वाला हादसा तड़के सुबह करीब 3:50 बजे हुआ। मकान मालिक भागेंद्र सिंह ने बताया कि उस समय उनके घर के सभी लोग गहरी नींद में सो रहे थे। इस संयुक्त मकान में दो भाइयों के परिवारों को मिलाकर कुल 17 सदस्य रहते हैं, जिसमें एक परिवार के 12 और दूसरे परिवार के 5 लोग शामिल हैं।

 

तड़के अचानक एक गगनभेदी धमाका हुआ और पूरा मकान किसी भूकंप की तरह हिल गया। चीख-पुकार मचाते हुए जब घर के लोग बदहवास हालत में बाहर भागे, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। एक विशालकाय ट्रक घर की बाहरी बाउंड्री और दीवारों को मलबे में तब्दील करता हुआ आंगन तक घुस आया था।

कल ही खरीदी थी नई ‘थार’, मलबे में दबकर तीन कारें बर्बाद
इस भीषण दुर्घटना में मकान के अगले हिस्से के साथ-साथ परिसर में खड़ी तीन गाड़ियां मलबे की चपेट में आकर पूरी तरह चकनाचूर हो गईं।

दुखद बात यह रही कि आदित्य बंसल ने यह चमचमाती महिंद्रा थार कार कल ही नई खरीदी थी, जो सड़क पर रफ्तार भरने से पहले ही इस हादसे का शिकार होकर कबाड़ में तब्दील हो गई। पीड़ित मकान मालिक भागेंद्र सिंह, टिंकू सिंह और विक्रम सिंह के अनुसार, इस हादसे में उनका लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

पीड़ित मकान मालिक ने बताया की सुबह पौने चार बजे अचानक ऐसा लगा जैसे कोई बहुत तेज भूकंप आ गया हो। हम सब गहरी नींद में थे। बाहर आकर देखा तो ट्रक हमारे कमरों के ठीक बाहर खड़ा था। यह सिर्फ भगवान का चमत्कार और साक्षात आशीर्वाद है कि हम सभी 17 लोग सही-सलामत जिंदा बच गए, लेकिन हमारा मकान और गाड़ियां पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं।”

ड्राइवर को झपकी आना बना कारण, खलासी समेत दोनों हिरासत में

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय कोतवाली पुलिस बिना वक्त गंवाए तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए ट्रक के ड्राइवर और कंडक्टर को घेराबंदी कर मौके से ही हिरासत में ले लिया।

शुरुआती पुलिस जांच और पूछताछ में सामने आया है कि सुबह ड्राइवर को नींद की झपकी आ जाने के कारण उसने ट्रक पर से नियंत्रण खो दिया था। सुबह के वक्त पुलिस ने बड़ी क्रेन बुलाकर क्षतिग्रस्त ट्रक को काफी मशक्कत के बाद मकान के मलबे से बाहर निकाला और मार्ग पर यातायात सामान्य कराया। पुलिस ने पीड़ितों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

 

 

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