बृजमनगंज: चिकित्साधिकारी की लगातार अनुपस्थिति से ग्रामीणों में फूटा आक्रोश, मरीजों को नहीं मिल रहा इलाज

बृजमनगंज

महराजगंज जनपद के बृजमनगंज क्षेत्र में स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय न्यू पीएचसी फुलमनहा इन दिनों बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और  चिकित्साधिकारी की लगातार अनुपस्थिति को लेकर स्थानीय जनता के निशाने पर है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के बृजमनगंज क्षेत्र में स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय न्यू पीएचसी फुलमनहा इन दिनों बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और मुख्य चिकित्साधिकारी की लगातार अनुपस्थिति को लेकर स्थानीय जनता के निशाने पर है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि चिकित्सालय में प्रभारी चिकित्साधिकारी की स्थाई तैनाती होने के बावजूद क्षेत्र के मरीजों को नियमित रूप से उपचार और जरूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिससे क्षेत्रीय नागरिकों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ भारी नाराजगी व्याप्त है।

“साहब जिले पर ड्यूटी में हैं” कहकर टाल देते हैं कर्मचारी; भटक रहे मरीज

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, चिकित्सालय पर तैनात प्रभारी राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. हरेंद्र कई-कई महीनों तक अस्पताल से नदारद रहते हैं। जब दूर-दराज के गांवों से गरीब मरीज इलाज कराने या दवा लेने अस्पताल पहुंचते हैं, तो उन्हें डॉक्टर की कुर्सी खाली मिलती है और निराश होकर वापस लौटना पड़ता है। अस्पताल में मौजूद अन्य कर्मचारियों द्वारा मरीजों को अक्सर यह कहकर टाल दिया जाता है कि साहब जिले पर सरकारी ड्यूटी में व्यस्त हैं।

कोरोना काल के बाद बढ़ा आयुर्वेद पर भरोसा, पर व्यवस्थाएं ध्वस्त

विरोध जता रहे ग्रामीणों का कहना है कि कोरोना महामारी के बाद से आम जनता का आयुर्वेदिक दवाओं और पारंपरिक उपचार पद्धति के प्रति विश्वास काफी बढ़ा है। यही कारण है कि अब बड़ी संख्या में ग्रामीण इलाज के लिए राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयों की ओर रुख कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की इस घोर लापरवाही के कारण सरकार की अति महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजनाएं पूरी तरह प्रभावित हो रही हैं।

गुस्साए ग्रामीणों ने अस्पताल के गेट पर किया प्रदर्शन

चिकित्साधिकारी की मनमानी और लापरवाही से क्षुब्ध होकर ग्रामीण कुलदीप, अजय, आर्यन, भोला, राधेश्याम, दीपक, रामजतन और रवि समेत दर्जनों लोगों ने चिकित्सालय परिसर के मुख्य गेट पर इकट्ठा होकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

ग्रामीणों ने साफ तौर पर बताया कि डॉ. हरेंद्र को जिला आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी का अतिरिक्त प्रभार मिला हुआ है। जब से उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है, तब से उन्होंने अपने मूल तैनाती स्थल (फुलमनहा) पर आना लगभग बंद ही कर दिया है, जिससे पूरी व्यवस्था रामभरोसे चल रही है।

अतिरिक्त प्रभार और प्रशासनिक बैठकों का दिया हवाला: चिकित्साधिकारी

इस पूरे मामले और ग्रामीणों के आक्रोश को लेकर जब प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. हरेंद्र जसवार से बात की गई, तो उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि जिला स्तरीय अतिरिक्त प्रभार होने के कारण उन्हें लगातार जनपदीय बैठकों, विभागीय समीक्षाओं और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहना पड़ता है। उन्होंने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि वे समय-समय पर फुलमनहा चिकित्सालय का दौरा कर वहां उपस्थित रहते हैं, हालांकि उन्होंने यह भी माना कि उनके पद का अधिकतर कार्य वर्तमान में जनपद कार्यालय से ही संचालित किया जा रहा है।

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