बागपत

बागपत जनपद से एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आई है, जहां विजिलेंस की टीम ने जिला पूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी को उनके ही कार्यालय से 40 हजार रुपये की नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर-दबोचा। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बागपत जनपद से एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आई है, जहां विजिलेंस की टीम ने जिला पूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी को उनके ही कार्यालय से 40 हजार रुपये की नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर-दबोचा। विजिलेंस की इस औचक कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। टीम आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर सीधे कोतवाली पहुंची, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
राशन डीलर से कमीशन न मिलने पर दी थी लाइसेंस रद्द करने की धमकी
पूरा मामला राशन वितरण में कमीशनखोरी से जुड़ा हुआ है। सिंघावली अहीर क्षेत्र के बुढ़सैनी गांव निवासी नरेंद्र कुमार की सरकारी राशन की दुकान है। राशन डीलर नरेंद्र ने बताया कि बागपत के डीएसओ अनूप तिवारी पिछले 4 महीनों से उन पर प्रति क्विंटल 25 रुपये कमीशन देने का लगातार दबाव बना रहे थे। डीलर का आरोप है कि डीएसओ ने उनसे साफ कहा था कि पिछले 5-6 महीने का कम से कम 30 से 40 हजार रुपये उन्हें लाकर दो। कमीशन न देने की सूरत में दुकान खत्म करने और राशन का लाइसेंस निरस्त करने की सीधे तौर पर धमकी दी जा रही थी।
विभाग के बाबूओं से फोन करवाकर बनाया जा रहा था दबाव
पीड़ित राशन डीलर ने बताया कि डीएसओ अनूप तिवारी सीधे और अपने मातहतों के जरिए उन पर लगातार दबाव डाल रहे थे। इसके लिए विभाग के ही विनय बाबू और हेमंत बाबू से बार-बार फोन करवाकर डराया जा रहा था। लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर नरेंद्र ने करीब 4 दिन पहले मेरठ विजिलेंस टीम से मिलकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद विजिलेंस ने इस घूसखोर अधिकारी को दबोचने के लिए जाल बिछाया।
विजिलेंस की 5 सदस्यीय टीम ने ऑफिस घेरकर की कार्रवाई, ARO फरार
शुक्रवार सुबह 10:00 बजे से ही विजिलेंस की 5 सदस्यीय टीम पूरी तरह एक्टिव हो गई और कलेक्ट्रेट परिसर स्थित डीएसओ ऑफिस को चारों तरफ से घेर लिया। टीम लगातार शिकायतकर्ता नरेंद्र के संपर्क में बनी रही।
दोपहर करीब 2:15 बजे नरेंद्र जैसे ही विजिलेंस टीम के एक अधिकारी के साथ अनूप तिवारी के केबिन में पहुंचा और उन्हें केमिकल लगे 40 हजार रुपये थमाए, वैसे ही पहले से मुस्तैद विजिलेंस की टीम ने धावा बोलकर डीएसओ को रंगे हाथों दबोच लिया। हाथ धुलवाने पर उनके हाथ गुलाबी हो गए।
शिकायतकर्ता नरेंद्र ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि भ्रष्टाचार के इस खेल में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारीयोगेंद्र कुमार भी शामिल है, जिसे वह पहले भी 10 हजार रुपये दे चुका था। आज भी वह एआरओ साहब को 10 हजार रुपये देने गया था, लेकिन विजिलेंस का छापा पड़ते ही एआरओ योगेंद्र सिंह रुपये लेकर मौके से रफूचक्कर होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश जारी है।
पहले भी विवादों में रहे हैं डीएसओ अनूप तिवारी
पकड़े गए डीएसओ अनूप तिवारी पिछले 2 साल से बागपत में तैनात हैं और इससे पहले वह जालौन जनपद में तैनात थे। बागपत में उनके कार्यकाल के दौरान पहले भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग चुके हैं। साल 2024 में जिले के गैस एजेंसी संचालकों ने अनूप तिवारी पर अवैध वसूली और रिश्वत मांगने का खुला आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और सामूहिक हड़ताल भी की थी। इसके बावजूद अधिकारी की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आया और अंततः आज वह विजिलेंस के हत्थे चढ़ गए।
ब्यूरोक्रेसी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 9 वरिष्ठ पीसीएस (PCS) अधिकारियों के तबादले pic.twitter.com/asztCxsxnf
— Voice of News 24 (@VOfnews24) May 29, 2026






















