सिद्धार्थनगर: स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी का कड़ा रुख; आयुष्मान योजना में लापरवाही पर सीएमओ को फटकार

सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की समीक्षा बैठक में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की समीक्षा बैठक में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने स्वास्थ्य विभाग की सुस्त कार्यशैली पर गहरी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह भी मौजूद रहे।

आयुष्मान भारत योजना: लक्ष्य से पीछे रहने पर सीएमओ को फटकार
समीक्षा के दौरान आयुष्मान भारत योजना की प्रगति बेहद निराशाजनक पाई गई।

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि निर्धारित लक्ष्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

आयुष्मान सेंटरों के समय से न खुलने और अधिकारियों द्वारा क्षेत्रीय निगरानी न किए जाने पर डीएम ने सख्त नाराजगी व्यक्त की।

अस्पतालों की व्यवस्था पर उठाई उंगली

स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत पर सवाल उठाते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ए.के. झा को कड़े निर्देश दिएअस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और व्यवस्थाओं को तुरंत दुरुस्त किया जाए।इमरजेंसी सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।स्वास्थ्य विभाग के ‘वार रूम’ की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो ताकि शिकायतों का तत्काल निस्तारण हो सके।

होम डिलीवरी पर कड़ा एक्शन आशा और MOIC को चेतावनी

बैठक में ‘घर पर हो रहे प्रसव’ (Home Delivery) का मुद्दा सबसे गंभीर रहा। जिलाधिकारी ने इसे विभाग की बड़ी विफलता बताते हुए कहा:सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों (MOIC) को चेतावनी दी गई कि प्रसव हर हाल में अस्पताल में ही होने चाहिए। जो आशा कार्यकर्ता अपने कर्तव्यों के प्रति उदासीन हैं, उन्हें चिह्नित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

परिवार नियोजन और टीकाकरण में भी सुधार की दरकार

टीकाकरण, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर, परिवार नियोजन और टीबी नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भी विभाग की स्थिति कमजोर पाई गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि टीकाकरण के ग्राफ को बढ़ाया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

काम में लापरवाही करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। नोटिस जारी कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।” > — शिवशरणप्पा जीएन, जिलाधिकारी

बैठक में समस्त सीएचसी/पीएचसी के एमओआईसी, बीपीएम, बीसीपीएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे, जिन्हें अपनी कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने की हिदायत दी गई।

 

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