बलिया: गोंड जाति प्रमाण पत्र पर प्रशासन सख्त, बिना पुख्ता साक्ष्य के आवेदन होंगे खारिज

बलिया

बलिया जनपद के विकास भवन सभागार में बुधवार को जिला कास्ट स्क्रूटनी कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बलिया जनपद के विकास भवन सभागार में बुधवार को जिला कास्ट स्क्रूटनी कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में गोंड जाति के प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया और इससे जुड़ी शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाया गया।

साक्ष्य न होने पर आवेदन निरस्त

बैठक के दौरान झारखंड से आए एक शिकायतकर्ता दयाशंकर ने प्रमाण पत्र न बनने की बात रखी। इस पर जिलाधिकारी ने उनके पूर्वजों के झारखंड स्थित प्रमाण पत्रों की मांग की। पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत न कर पाने की स्थिति में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना विधिक दस्तावेजों के प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा सकता।

फर्जीवाड़े और सूचना छिपाने पर सख्त चेतावनी

बैठक में ‘दीपक खरवार’ के नाम से जारी एक प्रमाण पत्र पर भी सवाल उठे, जिसमें साक्ष्यों के अनुसार संबंधित व्यक्ति के ‘कमकर’ जाति के होने का दावा किया गया। इसके अलावा, एक अन्य मामले में सूचना छिपाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया या जानकारी छिपाई गई, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी।

पारदर्शिता के निर्देश

जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद तहसीलदार सदर और अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए। उन्होंने कहा कि अपात्रों को प्रमाण पत्र मिलना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। बैठक में बड़ी संख्या में वकील और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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