महराजगंज: 10 लाख के नशीले इंजेक्शनों के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, भारत-नेपाल सीमा पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

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महराजगंज: भारत-नेपाल सीमा पर नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में पुरन्दरपुर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज: भारत-नेपाल सीमा पर नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में पुरन्दरपुर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने रानीपुर चौराहे के पास घेराबंदी कर दो शातिर तस्करों को दबोचा है, जिनके पास से लगभग 5700 नशीले इंजेक्शन बरामद हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन इंजेक्शनों की कीमत करीब 10 लाख रुपए आंकी जा रही है।

घेराबंदी कर पकड़े गए तस्कर
अपर पुलिस महानिदेशक (गोरखपुर जोन) अशोक मुथा जैन और डीआईजी एस. चनप्पा के निर्देश पर एसपी शक्ति मोहन अवस्थी के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने जुगौली निवासी राजेन्द्र धरिकार उर्फ इलू 32 और कम्हरिया बुजुर्ग निवासी आदित्य कुमार मिश्र 30 को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके पास से डाइजापाम, बुप्रेनोर्फिन और प्रोमेथाजीन के 1900-1900 एम्पुल बरामद हुए। साथ ही एक कार, 9000 रुपए नकद और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।

नेपाल में ‘कॉकटेल ड्रग’ की सप्लाई

पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि वे पिछले छह महीनों से इस काले कारोबार में लिप्त थे। वे इन मेडिकल इंजेक्शनों को मिलाकर ‘कॉकटेल ड्रग’ तैयार करते थे और सीमा पार नेपाल में ऊंचे दामों पर बेचते थे। यह नशा युवाओं के स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। इस सफलता पर टीम को 25 हजार रुपए के पुरस्कार से नवाजा गया है।

गंभीर सवाल: कहाँ है मुख्य सरगना?

इस बड़ी बरामदगी के बावजूद स्थानीय स्तर पर कई सवाल तैर रहे हैं। चर्चा है कि पुलिस केवल ‘कैरियर’ (माल ढोने वालों) तक ही सीमित क्यों है? आखिर इस पूरे सिंडिकेट का मुख्य सरगना कौन है और पुलिस उस तक पहुँचने में नाकाम क्यों साबित हो रही है? क्या सच में असली गुनहगार पुलिस की पकड़ से दूर हैं या जांच की दिशा भटकाने की कोशिश हो रही है? जनता अब इस नेटवर्क की पूरी सप्लाई चेन के खुलासे का इंतजार कर रही है।

 

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