हापुड़
हापुड़ जनपद की हापुड़ नगर कोतवाली पुलिस ने नाबालिग बच्चों को बहला-फुसलाकर अगवा करने और उनकी खरीद-फरोख्त करने वाले एक अंतर-जनपदीय बाल तस्करी गिरोह का सनसनीखेज पर्दाफाश किया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

हापुड़ जनपद की हापुड़ नगर कोतवाली पुलिस ने नाबालिग बच्चों को बहला-फुसलाकर अगवा करने और उनकी खरीद-फरोख्त करने वाले एक अंतर-जनपदीय बाल तस्करी गिरोह का सनसनीखेज पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के चंगुल से दो अपहृत किशोरों को सकुशल बरामद कर चार शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह मासूम बच्चों को महज 1500 से 5000 रुपये जैसी मामूली रकम में बेचकर उनसे खेतों और डेयरियों पर बंधुआ मजदूरों की तरह काम करवाता था।
खाना खिलाकर किया बेहोश, फिर 10 दिन कराया बंधुआ मजदूर की तरह काम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 17 मई को हापुड़ के शिवगढ़ी का रहने वाला एक 15 वर्षीय किशोर घर से नाराज होकर अपनी साइकिल लेकर निकला था। वह रास्ता भटककर सपनावत होते हुए गढ़मुक्तेश्वर के ब्रजघाट पहुंच गया। वहां उसकी मुलाकात गिरोह के सदस्य अमित कुमार से हुई। किशोर ने जब भूख लगने की बात कही, तो अमित ने उसे नशीला पदार्थ मिला खाना खिला दिया, जिससे वह बेहोश हो गया। अगले दिन जब किशोर को होश आया, तो वह खुद को अनजान गांव के एक खेत में बंधक पाया।
तस्करों ने उसे एक अन्य व्यक्ति को बेच दिया था, जिसने करीब 10 दिनों तक उस मासूम से खेतों में जबरन काम कराया, पशुओं के लिए कुट्टी कटवाई और भारी श्रम कार्य कराया। इधर, किशोर के परिजनों ने हापुड़ नगर कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से खुला राज
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोतवाली प्रभारी मनीष चौहान के नेतृत्व में पुलिस की कई टीमें गठित की गईं। सर्विलांस और स्वाट टीम की मदद से पुलिस ने ब्रजघाट से लेकर संभावित ठिकानों तक के 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और धरातलीय इनपुट के आधार पर पुलिस कड़ियों को जोड़ते हुए इस गिरोह के नेटवर्क तक पहुंच गई। पुलिस ने घेराबंदी कर चार संदिग्धों को हिरासत में लिया, जिनकी निशानदेही पर खेत से हापुड़ के अपहृत किशोर को मुक्त कराया गया।
पूछताछ में तस्करों ने कबूला कि उन्होंने वाराणसी से भी बहला-फुसलाकर लाए गए एक अन्य 17 वर्षीय किशोर को बंधक बनाकर रखा था, जिसे भी पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया।
प्रेसवार्ता में सीओ ने किया गिरोह के नेटवर्क का खुलासा
क्षेत्राधिकारी वरुण मिश्रा ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमित कुमार गुप्ता (निवासी संभल), दीपक (निवासी लखनऊ), मुकेश शर्मा (निवासी मुरादाबाद) और योगेश उर्फ लोकेश (निवासी अमरोहा) के रूप में हुई है।
सीओ ने बताया कि अमित और दीपक रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और धार्मिक स्थलों से अकेले या भटके हुए भोले-भाले नाबालिग बच्चों को निशाना बनाते थे। उन्हें बहला-फुसलाकर या नशा देकर अपने साथ ले जाते थे और बाद में उन्हें मुकेश शर्मा व योगेश को चंद रुपयों के लालच में बेच देते थे। इसके बाद ये लोग बच्चों से खेती और पशुपालन से जुड़े कठिन कार्य करवाते थे।
नीलकंठ मंदिर के पास से हुई गिरफ्तारी
थाना हापुड़ नगर पुलिस ने मुकदमा संख्या 256/2025 के तहत प्रभावी कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को रेलवे यार्ड रोड स्थित नीलकंठ मंदिर के पास से दबोच लिया। जामा तलाशी में आरोपियों के कब्जे से दो अपहृत बालक, तस्करी के 5000 रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों को रिमांड पर लेकर गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों, खरीदारों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की कुंडली खंगालने में जुटी है।
3 घंटे में खोई बच्ची माँ से मिली, पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहनाhttps://t.co/6cl1qM1fxG
— Voice of News 24 (@VOfnews24) June 1, 2026






















