SP के औचक निरीक्षण का भी असर नहीं, निघासन सर्किल के थानों में कागजी खानापूर्ति बना IGRS

लखीमपुर खीरी

लखीमपुर खीरी जनपद में पुलिसिंग व्यवस्था को सुधारने के लिए आला अधिकारियों के प्रयास जमीनी स्तर पर विफल साबित हो रहे हैं। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

 

लखीमपुर खीरी जनपद में पुलिसिंग व्यवस्था को सुधारने के लिए आला अधिकारियों के प्रयास जमीनी स्तर पर विफल साबित हो रहे हैं। लोकेंद्र कुमार मौर्य की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अधीक्षक द्वारा बीते 29 मार्च को सर्किल निघासन के थानों का औचक निरीक्षण और सख्त निर्देशों के बावजूद पुलिसकर्मियों के ढुलमुल रवैये में कोई सुधार नहीं दिख रहा है।

SP की सख्ती के बावजूद लापरवाही जारी
निरीक्षण के दौरान SP ने स्पष्ट किया था कि जनसुनवाई और शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विवेचनाओं में निष्पक्षता और शिकायतकर्ता की संतुष्टि को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया था। लेकिन, निघासन सर्किल के कई थानों में स्थिति इसके ठीक उलट बनी हुई है।

IGRS प्रणाली पर उठते गंभीर सवाल
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी IGRS (जनसुनवाई) प्रणाली अब मात्र कागजी खानापूर्ति का जरिया बनकर रह गई है। पीड़ितों का आरोप है कि:

बिना मौके पर जांच किए ही शिकायतों को पोर्टल पर ‘निस्तारित’ दिखा दिया जाता है।

जांच अधिकारी अक्सर शिकायतकर्ता से संपर्क तक नहीं करते।

न्याय के अभाव में जनता स्वयं को बेबस महसूस कर रही है।

विश्वसनीयता के संकट में प्रशासन
पारदर्शी शासन का दावा करने वाला IGRS पोर्टल अब स्थानीय पुलिस की लापरवाही के कारण अपनी साख खो रहा है। यदि समय रहते लापरवाह पुलिसकर्मियों पर जवाबदेही तय नहीं की गई, तो जनता का भरोसा प्रशासन से पूरी तरह उठ सकता है। अब देखना यह है कि क्या कप्तान के आदेशों की अवहेलना करने वाले इन थानों पर कोई गाज गिरेगी या पीड़ित न्याय के लिए ऐसे ही भटकते रहेंगे।

 

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