DSP Ziaul Haq murder case: जियाउल हक़ हत्या कांड की दुबारा हो गई जांज,मुश्किलों में राजा भैया कभी भी हो सकती हे पूछताछ

Voice Of News 24

19 Oct 2023 18:01 Pm

कुंडा

उत्तर प्रदेश के कुंडा के हथिगवां थाना इलाके के गांव बलीपुर की घटना जिसने पुरे प्रदेश को हिला के रख दिया।10 साल पहले कुंडा के बलीपुर गांव में हुआ सीओ जियाउल हक हत्‍याकांड कर दी गयी थी। इस मामले में उनकी पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जिसके बाद दोबारा CBI ने जांच शुरू की है।

2 मार्च 2013 को DSP जियाउल हक की कुंडा में हत्या कर दी गई थी। आज भी बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के गले की फांस बना हुआ है।तमाम जांचों और लाई डिटेक्‍टर टेस्‍ट के बाद भी जब सीबीआई को कोई सुराग नहीं मिला तो उसने 2014 में इस केस को बंद कर दिया।साल 2013 में हुआ DSP जियाउल हक हत्याकांड का मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।

इस मामले में CBI की 5 सदस्यीय टीम कुंडा पहुंची और लोगों से पूछताछ की। इस हत्याकांड में कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के साथ MLC गोपाल समेत 5 लोग आरोपी हैं।

https://youtu.be/mPuGhARmZlQ?si=jS7Y4zNm3EvztXgO

सीओ की पत्‍नी परवीन आजाद ने इसका विरोध किया और सुप्रीम कोर्ट जा पहुंची। बीते 27 सितंबर को शीर्ष अदालत ने क्‍लोजर रिपोर्ट खारिज करते हुए एक बार फिर सीबीआई को इस मामले की जांच का आदेश दिया है। आदेश का पालन करते हुए सीबीआई की एक टीम कुंडा जा पहुंची।

क्या था मामला

हथिगवां थाना इलाके के गांव बलीपुर में दो मार्च, 2013 को रात करीब सवा आठ बजे दोहरे हत्याकांड की सूचना मिली। सूचना पर पहुंचे कुंडा के सीओ जियाउल हक को पहले लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया। बाद में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तीन घंटों तक उनकी लाश प्रधान के घर के पीछे खड़ंजे पर पड़ी रही। सीओ की सुरक्षा में लगे गनर इमरान और विनय कुमार जान बचाकर भाग गए थे। हथिगवां थाने के एसओ मनोज शुक्‍ला भी भाग खड़े हुए। पुलिसकर्मियों के भाग जाने के बाद दबंगों ने सीओ जियाउल हक को लाठियों से पीटा। जीप से खींचकर जमीन पर घसीटा और फिर गोली मार दी। उन्हें पैरों में दो गोली मारी गई और फिर एक सीने में। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ था।

अखिलेश सरकार में मिल थी इस मामले में क्लीन चिट

अखिलेश यादव सरकार की सिफारिश पर तत्कालीन केंद्र सरकार ने इस हत्याकांड की जांच CBI को सौंपी थी। हालांकि, CBI ने इस मामले में राजा भैया को क्लीन चिट दे दी थी और उनके खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी।