मऊ

मऊ जनपद के शिक्षा की राह में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए अबोध बच्चे भी आगे आ रहे हैं।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

मऊ जनपद के शिक्षा की राह में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए अबोध बच्चे भी आगे आ रहे हैं। नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर सात विवेकानंद कॉलोनी, परदहा मिल क्षेत्र में रहने वाली दो मासूम बहनों, आठ साल की काव्या और चार साल की तृषा ने जिलाधिकारी से अपने घर से स्कूल तक पक्का रास्ता बनवाने की गुहार लगाई है।
पिता की डयूटी और बारिश की परेशानी
मासूम बच्चियों के पिता अमित सिंह छत्तीसगढ़ के सुकमा में सीआरपीएफ (में देश की सेवा कर रहे हैं। पिता के घर से दूर होने के कारण वे रोज़ बच्चियों को स्कूल छोड़ने या लाने में असमर्थ हैं। बड़ी बेटी काव्या कक्षा तीन में और छोटी बेटी तृषा नर्सरी में पढ़ती है। बच्चियों ने बताया कि बारिश के दिनों में उनके घर के पास का रास्ता पानी और कीचड़ से पूरी तरह भर जाता है, जिससे उनके लिए रोजाना स्कूल पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है।
सोशल मीडिया से मिली प्रेरणा
कक्षा तीन की छात्रा काव्या ने बताया कि वह सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो देखती थी, जिसमें बच्चों की शिकायतें सुनकर प्रशासन उनकी दिक्कतें दूर करता है। इसी से प्रेरणा लेकर उसने अपनी छोटी बहन के साथ मिलकर एक वीडियो बनाया और मऊ के जिलाधिकारी से रास्ता बनवाने की अपील की।
पहले भी मिल चुकी है ऐसी सफलता
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले भदकुआं पट्टी के वार्ड नंबर 17 की कक्षा एक की छात्रा समारा नाज ने भी जनता दरबार में पहुंचकर स्कूल के रास्ते की समस्या बताई थी। जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए न सिर्फ तत्काल नगर पालिका को रास्ता बनवाने का आदेश दिया था, बल्कि खुद मौके पर जाकर निर्माण कार्य का जायजा भी लिया था और बच्ची को टॉफी व साइकिल भेंट की थी। अब इसी उम्मीद के साथ इन दोनों मासूम बहनों ने भी प्रशासन से मदद की आस लगाई है।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) September 22, 2026













