अयोध्या

धर्मनगरी अयोध्या पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए बड़ी सौगातों का ऐलान किया है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

धर्मनगरी अयोध्या पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए बड़ी सौगातों का ऐलान किया है। नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं के नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने मानदेय में 50 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी और हर साल 5 लाख रुपये के कैशलेस स्वास्थ्य बीमा की घोषणा की।
मानदेय में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार जमीनी स्तर पर सेवाएं दे रहीं कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्री: मानदेय ₹8,000 से बढ़ाकर अब ₹12,000 प्रति माह किया गया।
आंगनबाड़ी सहायिका: मानदेय ₹4,000 से बढ़ाकर अब ₹6,000 प्रति माह किया गया।
सीएम ने याद दिलाते हुए कहा कि पहले कार्यकत्रियों को मात्र ₹3,000 मिलते थे, जिसे हमारी सरकार ने बढ़ाकर ₹8,000 किया था और अब इसे ₹12,000 कर दिया गया है। वहीं सहायिकाओं का मानदेय ₹1,500 से ₹4,000 और अब ₹6,000 किया गया है।
प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा कवच
आर्थिक संबल के साथ-साथ स्वास्थ्य सुरक्षा का उपहार देते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को हर साल ₹5 लाख का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। यह सुविधा केवल एक बार के लिए नहीं, बल्कि प्रतिवर्ष नवीनीकृत होगी। इसके तहत चिन्हित इम्पैनल्ड प्राइवेट अस्पतालों, सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।
2017 से पहले की सरकारों पर तीखा हमला
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति बेहद बदहाल थी।
शराब माफिया के हाथ में था पोषाहार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों में एक शराब माफिया पोषाहार सप्लाई का काम देखता था और पूरी व्यवस्था को प्रभावित करता था। सरकार और माफिया मिलकर लूटते थे, जबकि बदनामी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के हिस्से आती थी।
टाट-पट्टी लेकर आने को मजबूर थे बच्चे
सीएम ने कहा कि पहले मासूम बच्चे घरों से टाट-पट्टी लेकर केंद्रों पर जाते थे। न पीने का पानी था और न ही गुणवत्तापूर्ण भोजन। केंद्र से आने वाला पैसा माफिया डकार जाते थे और केंद्र वीरान पड़े रहते थे। आज व्यवस्था पारदर्शी हुई है और बुनियादी ढांचा मजबूत हुआ है।
उत्तर प्रदेश में जनसमस्याओं और राजस्व मामलों के निस्तारण में हीला-हवाली करने वाले अधिकारियों पर शासन का कड़ा चाबुक चला है। pic.twitter.com/N8Frx4NX8e
— Voice of News 24 (@VOfnews24) September 8, 2026













