बुलंदशहर:आहार में भाकियू (भानू) का ‘जल सत्याग्रह’ संपन्न: प्रशासन को दिया 45 दिनों का अल्टीमेटम, मांगे पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी

बुलंदशहर

बुलंदशहर जनपद में भारतीय किसान यूनियन (भानू) के तत्वावधान में तहसील स्याना क्षेत्र के ऐतिहासिक सिद्ध बाबा गंगा घाट आहार पर किसानों की विभिन्न लंबित समस्याओं और क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर जल सत्याग्रह आंदोलन आयोजित किया गया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद में भारतीय किसान यूनियन (भानू) के तत्वावधान में तहसील स्याना क्षेत्र के ऐतिहासिक सिद्ध बाबा गंगा घाट आहार पर किसानों की विभिन्न लंबित समस्याओं और क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर जल सत्याग्रह आंदोलन आयोजित किया गया। पुलिस व तहसील प्रशासन की भारी घेराबंदी के बावजूद किसानों ने अनुशासित एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखा।

ट्रैक्टर मार्च के साथ गंगा घाट पहुंचे किसान

आंदोलन की शुरुआत मेरठ मंडल प्रभारी तीरथ प्रधान के आवास से एक विशाल ट्रैक्टर मार्च के रूप में हुई। यह मार्च विभिन्न रास्तों से होते हुए सिद्ध बाबा गंगा घाट तक पहुंचा। किसानों के रुख को देखते हुए पुलिस प्रशासन, राजस्व विभाग और तहसील प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा इंतज़ामात किए गए थे, लेकिन किसानों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपना सत्याग्रह जारी रखा।

ज्ञापन के बाद भी कार्रवाई न होने से आक्रोश

भाकियू (भानू) के पदाधिकारियों ने बताया कि किसानों की मांगों व भ्रष्टाचार की जांच के लिए लगभग एक माह पूर्व दो बार जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जा चुका था। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने के विरोध में किसानों को बाध्य होकर जल सत्याग्रह का रास्ता चुनना पड़ा।

प्रशासनिक वार्ता के बाद डेढ़ माह का समय तय

गंगा घाट पर काफी देर तक चले प्रशासनिक संवाद के बाद थाना आहार प्रभारी निरीक्षक नीरज शर्मा और तहसीलदार स्याना मनोज कुमार रावत ने किसानों से वार्ता की। तहसीलदार मनोज कुमार रावत के अनुरोध पर शिकायतों के निस्तारण व जांच के लिए डेढ़ माह का समय तय किया गया। इस आश्वासन के बाद भाकियू (भानू) ने ज्ञापन सौंपकर जल सत्याग्रह फिलहाल स्थगित करने की घोषणा की।

‘समय सीमा में काम न हुआ तो होगा आर-पार का आंदोलन’

संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 45 दिनों के भीतर सभी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में किसी आश्वासन को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके बाद किसान व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

इस दौरान मंडल अध्यक्ष गौरव प्रधान, एनसीआर अध्यक्ष (युवा) प्रवेश कुमार, हनीफ भाई, मोनिश भाई, आशु ठाकुर, मोमिन भाई, उस्मान भाई, डॉ. नरेश, विवेक यादव, सुनील चौहान, अभिषेक ठाकुर सहित बड़ी संख्या में किसान व पदाधिकारी मौजूद रहे।

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