बागपत
उत्तर प्रदेश के छपरौली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव कुर्ड़ी से सरकारी लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश के छपरौली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव कुर्ड़ी से सरकारी लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ प्रशासनिक तंत्र की उदासीनता के चलते एक बुजुर्ग महिला को सरकारी अभिलेखों में पहले तो ‘मृत’ घोषित कर दिया गया, और जब गलती का अहसास हुआ तो रिकॉर्ड में सुधार कर उन्हें दोबारा ‘जीवित’ भी दर्ज कर लिया गया। लेकिन विडंबना देखिए कि रिकॉर्ड दुरुस्त होने के बाद भी बुजुर्ग महिला की वृद्धावस्था पेंशन आज तक बहाल नहीं हो सकी है।
दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर बुजुर्ग केला देवी
पीड़ित बुजुर्ग महिला केला देवी का कहना है कि वह अपनी रुकी हुई पेंशन को दोबारा शुरू कराने के लिए कई बार समाज कल्याण विभाग, तहसील और संबंधित कार्यालयों के चक्कर काट चुकी हैं। उन्होंने अधिकारियों को अपने जीवित होने के सभी आवश्यक और प्रामाणिक दस्तावेज भी उपलब्ध करा दिए हैं। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। केला देवी का आरोप है कि इस विभागीय लापरवाही और घोर उदासीनता के कारण उन्हें इस उम्र में गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में किसी जीवित व्यक्ति को मृत दर्ज कर देना ही अपने आप में प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलता है। हद तो तब हो गई जब रिकॉर्ड में त्रुटि सुधार कर महिला को कागजों में दोबारा जीवित घोषित कर दिया गया, लेकिन फिर भी पेंशन बहाल नहीं की गई। यह सीधे तौर पर संबंधित विभागों के बीच समन्वय (Coordination) की कमी और कर्मचारियों की लापरवाही को दर्शाता है।
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले में संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर टालकर पल्ला झाड़ रहे हैं, जिसके कारण समस्या जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों ने की जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। लापरवाही बरतने वाले दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए और पीड़ित बुजुर्ग केला देवी की वृद्धावस्था पेंशन को तत्काल प्रभाव से बहाल कर उनका बकाया भुगतान किया जाए।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले का संज्ञान लेकर पीड़ित बुजुर्ग महिला को कब तक न्याय और राहत दिला पाता है।
अधिकारियों का पक्ष:
“अभी तक यह पूरा मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। कल ही इस प्रकरण की पूरी जांच कराई जाएगी और जो भी आवश्यक वैधानिक कार्यवाही होगी, वह सुनिश्चित की जाएगी।”
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 9, 2026













