बुलंदशहर
बुलंदशहर जनपद के राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के कड़े निर्देशों के बावजूद जनपद में 10 साल से अधिक पुराने डीजल ट्रकों से राशन की आपूर्ति धड़ल्ले से जारी है। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद के राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के कड़े निर्देशों के बावजूद जनपद में 10 साल से अधिक पुराने डीजल ट्रकों से राशन की आपूर्ति धड़ल्ले से जारी है। प्रदूषण और सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे ये वाहन न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रहे हैं, बल्कि सड़क हादसों को भी दावत दे रहे हैं।
दूसरे जिलों के रजिस्ट्रेशन का सहारा
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि दिल्ली-एनसीआर में प्रतिबंधित इन पुराने ट्रकों को एटा जैसे अन्य जिलों में दोबारा पंजीकृत कराकर सड़कों पर उतारा जा रहा है। अनूपशहर में एक ऐसा ही मामला पकड़ा गया जहाँ 15 साल पुराने ट्रक से GPS डिवाइस निकालकर बाइक पर लगा दी गई थी, ताकि कागजों में ट्रक की लोकेशन सही दिखे जबकि असल में वह जर्जर वाहन नियमों के विरुद्ध राशन ढुलाई कर रहा था।
प्रशासनिक मिलीभगत के आरोप
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि परिवहन विभाग और पुलिस की कथित मिलीभगत के बिना यह खेल संभव नहीं है। बिना वैध फिटनेस और मानकों के ये ट्रक दिन-रात शहर की सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
एआरटीओ का पक्ष
इस मामले पर एआरटीओ प्रवर्तन नीतू शर्मा ने कहा कि विभाग एनजीटी के नियमों का पालन कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अवैध रूप से संचालित इन वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें सड़कों से हटाया जाएगा।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) February 22, 2026























