सिद्धार्थनगर : श्री साईं फार्मा क्लीनिक में नवजात की मौत पर DM सख्त, CMO को दिए जांच के आदेश,अवैध अस्पतालों पर फिर उठे सवाल

सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर जनपद के बर्डपुर स्थित श्री साईं फार्मा क्लीनिक में प्रसव के दौरान गर्भस्थ शिशु की मौत और कथित अवैध ऑपरेशन के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद के बर्डपुर स्थित श्री साईं फार्मा क्लीनिक में प्रसव के दौरान गर्भस्थ शिशु की मौत और कथित अवैध ऑपरेशन के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। दैनिक भास्कर में खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को तत्काल और निष्पक्ष जांच के कड़े निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग में हलचल, जांच टीम गठित

जिलाधिकारी के आदेश पर हरकत में आए सीएमओ डॉ. रजत कुमार चौरसिया ने बर्डपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. सुबोध चंद्र को प्राथमिक जांच सौंपी है। गौरतलब है कि पीड़ित आशीष द्वारा पहले ही लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन उस समय विभाग ने “जानकारी न होने” की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया था। अब डीएम के हस्तक्षेप के बाद विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।

इन 5 बिंदुओं पर टिकी है जांच की सुई

सूत्रों के अनुसार, जांच टीम निम्नलिखित बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी

पंजीकरण की वैधता: क्या क्लीनिक के पास केवल ओपीडी (OPD) का लाइसेंस था या सर्जरी और डिलीवरी की अनुमति थी?

अवैध ऑपरेशन: किसके आदेश और किस नियम के तहत वहां “छोटा ऑपरेशन” किया गया?

स्टाफ की योग्यता: अल्ट्रासाउंड, डिलीवरी और टांके लगाने की प्रक्रिया करने वाले व्यक्ति के पास क्या मेडिकल डिग्री थी?

आशा की भूमिका: क्या किसी आशा कार्यकर्ता ने प्रसूता को सरकारी अस्पताल के बजाय इस निजी क्लीनिक में कमीशन के लिए भेजा था?

लापरवाही का स्तर: शिशु की मौत और महिला की बिगड़ती हालत के लिए सीधे तौर पर कौन जिम्मेदार है?

पुरानी शिकायतों ने बढ़ाई स्वास्थ्य विभाग की किरकिरी

यह मामला जिले में संचालित फर्जी डिग्री और अवैध अस्पतालों के बड़े सिंडिकेट की ओर इशारा करता है। इटवा के लाइफ केयर हॉस्पिटल का मामला अभी भी लंबित है, जहाँ एक डॉक्टर ने खुद अपनी डिग्री के दुरुपयोग की शिकायत की थी। ऐसे में जिले भर में बिना मानक के चल रहे क्लीनिकों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।

“मामला बेहद गंभीर है। किसी भी निजी क्लीनिक को बिना वैध पंजीकरण और विशेषज्ञ डॉक्टर के ऑपरेशन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” — प्रशासनिक अधिकारी

जनता का सवाल: कब थमेगा ‘मौत का सौदा’?

क्षेत्रीय जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि क्या यह जांच केवल श्री साईं फार्मा क्लीनिक तक ही सीमित रहेगी या फिर पूरे जिले में फैले अवैध अस्पतालों के जाल को भी तोड़ा जाएगा।

 

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